फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Don't be afraid of corona, donate blood

कोरोना से न घबराएं, करें स्वैच्छिक रक्तदान

Fri, 21 May 2021 12:55 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 12:55 AM IST
विज्ञापन
Don't be afraid of corona, donate blood
कानपुर देहात। कोरोना काल में रक्तदान पर ब्रेक लग गया है। जिले में रक्तदान कैंप नहीं आयोजित हो रहे हैं। न ही लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आ रहे है। इसके चलते जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई है। मौजूदा समय मेें एबी पॉजिटिव के तीन व ओ पॉजिटिव ग्रुप का सिर्फ एक यूनिट ही रक्त बचा है। जिलाधिकारी व सीएमएस ने लोगों को रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियां दूर करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल अकबरपुर के ब्लड बैंक में जहां औसतन 35 से 40 यूनिट रक्त स्टाक में रहता था, वहीं कोरोना काल में यह घटकर वर्तमान में सिर्फ चार यूनिट तक पहुंच गया है। कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में रक्तदान पर ब्रेक लगा दिया है। 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है।
विज्ञापन

ब्लड बैंक पहुंचने वाले रक्तदाताओं में इसी आयु वर्ग के लोगों की संख्या भी अधिक है, लेकिन रक्तदाताओं के मन में कोरोना को डर बैठ गया है। ऐसे में खून देने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। अब सिर्फ चार यूनिट ही ब्लड बचा होने से अस्पताल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। दो ग्रुपों का सिर्फ चार यूनिट ही रक्त बचा है, जबकि छह ग्रुप का खून स्टाक से खत्म हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ माह पहले लगा था रक्तदान शिविर
कानपुर देहात। कोरोना महामारी के चलते रक्तदान के लिए लोगों के न आने पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष परवेश कटियार के नेतृत्व में पिछले साल 14 सितंबर को सेवा सप्ताह के तहत ब्लड बैंक मेें रक्तदान शिविर लगाया गया था। उस दौरान 70 युवाओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया था। बड़े पैमाने पर रक्त आने के कारण कई यूनिट रक्त हैलट व उर्सला अस्पताल कानपुर भी भेजा गया था। तब से आठ महीने बीतने के बाद भी रक्तदान शिविर नहीं लगाया जा सका है।
बोले जिम्मेदार
ब्लड बैंक में सिर्फ चार यूनिट ही रक्त बचा है। लोग कोरोना के कारण रक्तदान के लिए नहीं आ रहे हैं। हालांकि सर्जरी केस टलने से अभी खून की मांग ज्यादा नहीं है। स्वैच्छिक संगठनों से वार्ता की गई है। स्वैच्छिक रक्तदान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. वीपी सिंह (पैथालॉजिस्ट ब्लड बैंक)
विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती है। लोग भ्रांतियों का शिकार हैं। आगे बढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान करें। ब्लड बैंक में रक्त का पर्याप्त स्टाक बना रहे, इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों से बात करने के निर्देश दिए गए हैं। -जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी)
कोरोना काल में रक्तदान शिविर लगाना चुनौती
कानपुर देहात। रक्तदान शिविर लगाकर रक्त जुटाने वाली संस्थाओं के पदाधिकारी भी बेबस हैं। वर्तमान परिस्थितियों में कैंप लगाना चुनौतीपूर्ण है। साथ ही लोग भी डर के चलते रक्तदान कैंप में नहीं आते। स्वैच्छिक रक्तदान पूरी तरह बंद है और ब्लड बैंक में चार यूनिट रक्त बचा है।
ऐसे में मरीज के परिवारीजनों को रक्त लेने से पहले डोनर लेकर आने कहा जा रहा है। सेवा भारती संस्था की संचालिका कंचन मिश्रा ने बताया कि लोगों का भ्रम दूर कर स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रक्तदान से नहीं होती कमजोरी, न पालें भ्रांतियां
कानपुर देहात। पैथालॉजिस्ट डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में रक्तदाता नहीं आ रहे। फिर चाहे लॉकडाउन की मुश्किल हो या कोरोना काल की भ्रांतियों से डरकर लोग रक्तदान से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि 18 की उम्र से अधिक के लोगों को टीका लग रहा है।
इसलिए वे वैक्सीनेशन से पहले रक्तदान करें। टीका लगने के 90 दिन बाद रक्तदान किया जा सकता है। रक्तदान संबंधी भ्रांतियों के बाबत चिकित्सक से संपर्क करें। रक्तदान से किसी भी प्रकार की कमजोरी या दिक्कत नहीं आती। उन्होंने बताया कि रक्तदान के बाद से शरीर मेें खून बनने लगता है।

कोविड प्रोटोकॉल के तहत कराया जाता रक्तदान
कानपुर देहात। पैथालॉजिस्ट डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्तदान कराते समय कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाता है। रक्तदान से पहले परिसर को पूरी तरह से सैनिटाइज करने की व्यवस्था है और सोशल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य होता है। रक्तदान के बाद दानी को करीब आधे घंटे तक सघन निगरानी में रखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed