UP: अंधेरे में दबंग प्रधानपति ने ढहा दिया 20 साल पुराना घर, महिला बोली- नहीं दिया कोई नोटिस...सख्त कार्रवाई हो
Hamirpur News: पीड़ित महिला ने बताया कि 29 फरवरी को ग्राम प्रधानपति व उसके दबंग आए और कहा कि तुमने मेरी शिकायत की है, तुम्हारा घर गिरवा दूंगा। उसने कहा कि वह रोती और गिड़गिड़ाती रही, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
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प्रदेश में माफियाओं और अपराधियों पर बुलडोजर गरजने की नीति को आम जनता ने खूब सराहा है। इसका असर अब हमीरपुर में भी देखने को मिला है, लेकिन यहां मामला इसके उलट है। एक दबंग ग्राम प्रधान ने अनुसूचित जाति की महिला का रात के अंधेरे में जेसीबी से बीस साल पुराना कच्चा घर दिया है।
इसको लेकर उसने परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला है। घर गिराने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि, अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
विकास खंड सुमेरपुर की ग्राम पंचायत सहुरापुर की ग्राम प्रधान आशा सिंह हैं। उनके पति लल्ला सिंह काम देखते हैं। सहुरापुर निवासी अंजू कुमारी पत्नी साजन ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र के माध्यम से आरोप लगाया है कि गांव के दबंग प्रधान पति व उसके देवर ने बिना नोटिस व सूचना के उसका बीस साल पुराना कच्चा घर गिरा दिया है।
प्रधानपति ने कहा था- मेरी शिकायत की है, तुम्हारा घर गिरवा दूंगा
महिला ने कहा कि इससे पहले वह केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मामले की शिकायत की थी। इस पर उन्होंने एसडीएम को मार्क कर कहा था कि किसी गरीब का घर बिना नोटिस के न गिराया जाए। कहा कि 29 फरवरी को ग्राम प्रधानपति व उसके दबंग आए और कहा कि तुमने मेरी शिकायत की है, तुम्हारा घर गिरवा दूंगा।
महिला बोली- प्रधानपति पर कठोर कार्रवाई की जाए
उसने कहा कि वह रोती और गिड़गिड़ाती रही, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। प्रधानपति ने घर से सामान फेंक गांव से बाहर करने की धमकी दी है। कहा कि प्रधानपति पर कठोर कार्रवाई की जाए, अन्यथा वह परिवार के साथ आत्मदाह कर लेगी।
एसडीएम बोले- मामले की जांच कराई जाएगी
प्रधानपति लल्ला सिंह चंदेल का कहना है कि महिला ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। उसी के बगल में दो पक्के मकान भी बने हैं। सरकारी जमीन बरात शाला बनना है, जिसको लेकर महिला अड़चन पैदा कर रही है। अन्य सारे आरोप निराधार हैं। वहीं, एसडीएम सदर पवन पाठक का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।