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गार्ड ने सीने में सटाकर मारी थी गोली, डॉक्टरों को पोस्टमार्टम में मिला कुछ ऐसा कि उड़ गए होश
Mon, 21 Jan 2019 12:23 AM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:23 AM IST
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उन्नाव के बीघापुर में खेत में लाइसेंसी बंदूक से सीने में गोली मार आत्महत्या करने वाले सिक्योरिटी गार्ड के पेट से 26 छर्रे मिले हैं। छर्रे सीने के अलावा पेट में फैल गए थे। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सिक्योरिटी गार्ड की बहन ने पुलिस को भाई के आत्महत्या करने की तहरीर दी है।
बीघापुर थानाक्षेत्र के सुमरहा के मजरा कानपुर निवासी धर्मेंद्र ने शनिवार दोपहर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बहन बेबी की तहरीर के मुताबिक उसका भाई कई दिनों से परेशान चल रहा था। हालांकि तनाव के संबंध में उसने कभी किसी से कुछ कहा नहीं। शनिवार को जब वह घर से बंदूक लेकर निकला था तब सबसे पहले बेटे रोशन व अंशिका ने उसे रोकने का प्रयास किया।
हालांकि बच्चों की आवाज को नजरअंदाज कर धर्मेंद्र बंदूक लेकर खेतों की ओर चला गया था। कुछ देर बाद ही उसे बंदूक चलने की आवाज सुनाई पड़ी। जब वह खेत में पहुंची थी तब भाई खून से लथपथ हालत में मिला था। अचलगंज सीएचसी ले जाते समय धर्मेंद्र की मौत हो गई थी। कार्यवाहक एसओ अवधेश प्रजापति ने बताया कि परिजनों ने आत्महत्या की तहरीर दी है।
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बीघापुर थानाक्षेत्र के सुमरहा के मजरा कानपुर निवासी धर्मेंद्र ने शनिवार दोपहर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बहन बेबी की तहरीर के मुताबिक उसका भाई कई दिनों से परेशान चल रहा था। हालांकि तनाव के संबंध में उसने कभी किसी से कुछ कहा नहीं। शनिवार को जब वह घर से बंदूक लेकर निकला था तब सबसे पहले बेटे रोशन व अंशिका ने उसे रोकने का प्रयास किया।
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हालांकि बच्चों की आवाज को नजरअंदाज कर धर्मेंद्र बंदूक लेकर खेतों की ओर चला गया था। कुछ देर बाद ही उसे बंदूक चलने की आवाज सुनाई पड़ी। जब वह खेत में पहुंची थी तब भाई खून से लथपथ हालत में मिला था। अचलगंज सीएचसी ले जाते समय धर्मेंद्र की मौत हो गई थी। कार्यवाहक एसओ अवधेश प्रजापति ने बताया कि परिजनों ने आत्महत्या की तहरीर दी है।
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