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डॉक्टरों को नागवार गुजरा 'इंजेक्शन से इंकार', 'तड़पते रहे मरीज, बंद कमरे में पिटता रहा वार्ड ब्वाय'

Fri, 21 Sep 2018 10:07 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 21 Sep 2018 10:07 AM IST
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Doctors beaten ward boy in kanpur dehat
इमरजेंसी गेट के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान बुधवार की रात मरीज को इंजेक्शन लगाने से मना करने पर एक वार्ड ब्वाय को दो डाक्टरों ने जमकर पीट दिया। इसकी जानकारी पर कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। कर्मियों ने गुरुवार को ओपीडी का बहिष्कार कर हंगामा शुरू दिया। एसडीएम व एसीएमओ ने मौके पर पहुंच कर किसी तरह से कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया और ओपीडी शुरू कराई। इस बीच ढाई घंटे ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं। वार्ड ब्वाय की तहरीर पर दोनों डाक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
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जिला अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वाय झब्बू लाल यादव ने पुलिस को बताया कि वह रात में डा. पवन पार्या व डा. रवि भार्गव के साथ इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। देर रात डॉक्टर ने एक मरीज से बाहर से इंजेक्शन मंगवाए और उससे लगाने के लिए कहा। उसने चतुर्थ श्रेणी कर्मी होने के चलते इंजेक्शन न लगा पाने की बात कही तो डॉक्टर नाराज हो गए और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। उसे कमरे में बंद कर उसे डंडों से पीटा। इसकी जानकारी पर कर्मियों में आक्रोश फैल गया।
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Doctors beaten ward boy in kanpur dehat
सदर एसडीएम से वार्ता करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की सुबह कर्मियों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया। आक्रोशित कर्मचारी डीएम के यहां शिकायत करने पहुंचे। डीएम राकेश कुमार सिंह ने एसडीएम आनंद कुमार सिंह व एसीएमओ वीपी सिंह को मौके पर भेजा। उन्होंने कर्मचारियों को शांत कराने के बाद पीड़ित वार्ड ब्वाय की तहरीर पर डाक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। एसडीएम के समझाने के बाद कर्मियों ने ओपीडी सेवा शुरू की। इस बीच सुबह आठ से लेकर 12:30 बजे तक साढ़े चार घंटे अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा। मरीज इलाज के लिए तड़पते घूमते रहे। 

वार्ड ब्वाय की तहरीर पर दो डाक्टरों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्जकर पीड़ित को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया है.- ऋषिकांत शुक्ला, कोतवाल अकबरपुर 

डाक्टरों ने नशे के हालत में वार्ड ब्वाय के साथ मारपीट की। उसे काफी चोटें भी आई हैं। इससे आक्रोशित कर्मियों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दी थी, उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया है और ओपीडी सेवाएं शुरू करा दी गई हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषी डाक्टरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी- आनंद कुमार सिंह, एसडीएम अकबरपुर 

वार्ड ब्वाय से इंजेक्शन नहीं लगवाया जा सकता है, डाक्टर ने बाहर से इंजेक्शन क्यों लिखे इस बाबत छानबीन की जा रही है। बाहर से मंगाए गए इंजेक्शन भी कब्जे में लिए गए हैं, पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच के बाद कार्रवाई होगी- डा. रमेश बाबू, सीएमएस 

 

इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर गए डाक्टर 

Doctors beaten ward boy in kanpur dehat
कर्मियों के कार्य बहिष्कार के बाद बंद चिकित्सकों के कक्ष - फोटो : अमर उजाला
वार्ड ब्वाय से मारपीट के बाद डाक्टर इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर चले गए। वहां भर्ती मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया। इससे मरीज व तीमारदार परेशान हुए। मारपीट का शिकार वार्ड ब्वाय झब्बूलाल ने अधिकारियों को बताया कि दोनों डाक्टर नशे की हालत में थे। वार्ड ब्वाय के शरीर में चोटों के निशान डाक्टरों की बर्बरता भी बयां कर रहे थे। खास बात यह रही कि डॉक्टरों ने मारपीट के बाद बिना किसी उच्चाधिकारी को सूचना दिए इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर कोतवाली पहुंचे, वहां पहले मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तहरीर लेकर जांच करने की बात कह टरका दिया पर डाक्टर दोबारा ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। वहां भर्ती मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया। सीएमएस डा. रमेश बाबू ने बताया कि रात में ही विवाद की जानकारी मिली थी। वह मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन डाक्टरों की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। वह मौके पर रहकर मरीजों की बराबर निगरानी करते रहे। 

 
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चौकी बनवाने की कर्मियों ने की मांग 

Doctors beaten ward boy in kanpur dehat
इमरजेंसी गेट के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
पहले भी विवाद हो चुका 
वार्ड ब्वाय के साथ मारपीट करने वाला डा. पवन पार्या पहले भी कई बार विवादों में रह चुका है। दो बार उस पर अस्पताल में छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं, वहीं सोशल मीडिया पर सीएम के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। चर्चा रही कि डाक्टर का एक भाई जिले में इंस्पेक्टर रहा है। वह उसके मामलों को निपटाने में मदद करता है। इसके चलते डाक्टर की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रही है। एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने छेड़छाड़ से लेकर सीएम पर टिप्पणी करने के पूरे मामलों का विवरण सीएमएस से तलब किया। 


जिला अस्पताल में डाक्टरों की इस हरकत से कर्मियों में आक्रोश है। कर्मियों ने एसडीएम व एसीएमओ को बताया कि वह रात में ड्यूटी करते हैं उनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। उनके संरक्षक डाक्टर भी उनके साथ इस तरह व्यवहार कर रहे हैं। कई बार मरीजों के तीमारदार भी मारपीट शुरू कर देते हैं। ऐसे में पुलिस चौकी की मांग की गई है लेकिन उसके लिए जमीन चिंहित नहीं हो सकी। इस पर एसडीएम आनंद सिंह ने जल्द ही जमीन चिंहित करने का भरोसा कर्मियों को दिया।
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