{"_id":"67d839163786a0619b01ee18","slug":"dm-furious-after-seeing-cracks-in-the-walls-of-the-nursery-building-broken-floor-orders-recovery-2025-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: पौधशाला-भवन की दीवारों में दरार, फर्श टूटी देख भड़के डीएम, रिकवरी के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: पौधशाला-भवन की दीवारों में दरार, फर्श टूटी देख भड़के डीएम, रिकवरी के आदेश
Mon, 17 Mar 2025 08:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 17 Mar 2025 08:31 PM IST
सार
उद्यान विभाग की ओर से वर्ष 2022 में बनाई गई पौधशाला व भवन का डीएम ने निरीक्षण किया। दीवारों में दरार, फर्श टूटी देख नाराज हुए। लापरवाही पर कार्यदायी संस्था व ठेकेदार से धनराशि वसूलने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
निरीक्षण करने पहुंचे डीएम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उद्यान विभाग की ओर से दो वर्ष पहले बिल्हौर ब्लाक में बनाई गई पौधशाला व भवन का सोमवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। घटिया निर्माण, दीवारों में दरार, बिजली का कनेक्शन न देख जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था व ठेकेदार से धनराशि वसूलने और जिला उद्यान अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह बिल्हौर में तहसील दिवस से पहले पौधशाला का निरीक्षण करने पहुंच गए। उद्यान विभाग का बिल्हौर ब्लाक के चंपतपुर गांव में राजकीय पौधशाला और भवन का निर्माण वर्ष 2022 में 3.6 करोड़ की लागत से किया गया था। घटिया निर्माण होने और संसाधन पूरे न होने के कारण विभाग ने अभी तक भवन को कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ (उ.प्र. राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड) से हस्तांतरित नहीं किया। निरीक्षण में एमसीबी बॉक्स जमीन पर रखा मिला और फायर अलार्म के तारों की वायरिंग तक नहीं हुई मिली। स्नान घर में लगाई गई टोटियों की गुणवत्ता खराब मिली। पूरे भवन के चारों तरफ दीवारों में दरारें पाईं गईं। जिलाधिकारी ने संस्था की लापरवाही पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह बिल्हौर में तहसील दिवस से पहले पौधशाला का निरीक्षण करने पहुंच गए। उद्यान विभाग का बिल्हौर ब्लाक के चंपतपुर गांव में राजकीय पौधशाला और भवन का निर्माण वर्ष 2022 में 3.6 करोड़ की लागत से किया गया था। घटिया निर्माण होने और संसाधन पूरे न होने के कारण विभाग ने अभी तक भवन को कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ (उ.प्र. राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड) से हस्तांतरित नहीं किया। निरीक्षण में एमसीबी बॉक्स जमीन पर रखा मिला और फायर अलार्म के तारों की वायरिंग तक नहीं हुई मिली। स्नान घर में लगाई गई टोटियों की गुणवत्ता खराब मिली। पूरे भवन के चारों तरफ दीवारों में दरारें पाईं गईं। जिलाधिकारी ने संस्था की लापरवाही पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञापन