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आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को भर्ती करने में जिला फिसड्डी, मिली 45वीं रैंक

Sun, 14 Nov 2021 01:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:09 AM IST
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District laggy in recruiting patients of Ayushman Bharat scheme, got 45th rank
कानपुर देहात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले के निजी अस्पताल आयुष्मान का मान नहीं रख रहे हैं।
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निजी अस्पताल संचालकों ने योजना के तहत सीएमओ के यहां पंजीकरण तो करा लिया है, लेकिन मरीजों का इलाज करने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं। अधिकांश मरीज सरकारी अस्पतालों में ही भर्ती किए जा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को भर्ती करने में जिले की रैंकिंग प्रदेश में 45वें नंबर पर पहुंच गई है।
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केंद्र की मोदी सरकार ने 25 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया था। वर्ष 2011 में हुई आर्थिक सामाजिक जनगणना के आधार पर जिले के एक लाख 52 हजार 113 हजार परिवारों को इसमें शामिल किया गया।
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इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार का पांच लाख रुपये तक कैशलेश उपचार देने के लिए 13 सरकारी व 10 प्राइवेट अस्पतालों को संबद्ध किया गया है। जहां मरीजों को भर्ती कर बेहतर उपचार के निर्देश हैं, लेकिन स्वास्थ्य अफसरों की गुटबाजी के चलते जिले में योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत के मरीजों को भर्ती करने से कतरा रहे हैं। जो मरीज भर्ती भी होते हैं, उनसे वसूली शुरू कर दी जाती है। शिकायत के बावजूद आयुष्मान के नोडल अफसर व मरीजों को भर्ती कराने का जिम्मा उठाने वाले आयुष्मान कर्मी भी ध्यान नहीं देते हैं।
हालत यह है कि जून से 11 नवंबर तक 387 आयुष्मान मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें से 239 सरकारी और 148 मरीज प्राइवेट अस्पतालों में ही भर्ती किए गए। जिससे आयुष्मान योजना में मरीजों को भर्ती कर इलाज देने में जिले की रैंकिंग गिरकर प्रदेश स्तर पर 45वें नंबर पर पहुंच गई है।

आयुष्मान योजना के मरीजों को भर्ती करने के लिए प्री-आर्थराइजेशन नहीं होने के कारण जिले की रैंकिंग 45वीं हुई है। योजना के नोडल व आयुष्मान कर्मियों को अधिक से अधिक मरीज भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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