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Kanpur News: जिला कृषि अधिकारी, एआर सहकारिता जिला प्रबंधक पीसीएफ का रोका वेतन
Thu, 11 Sep 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:19 AM IST
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फोटो 10 एचएएमपी 13- सहकारी समितियों का निरीक्षण करते जिलाधिकारी। सूचना विभाग
हमीरपुर। जिले में खाद की उपलब्धता व वितरण को लेकर चल रही मारामारी को देखते हुए डीएम ने सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सहकारी समितियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसे दौरान खाद वितरण में लापरवाही मिलने पर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, एआर सहकारिता व जिला प्रबंधक पीसीएफ के खिलाफ शासन को पत्राचार किया है। साथ ही सभी का वेतन रोके जाने की कार्रवाई की है।
डीएम घनश्याम मीणा ने बुधवार को पीसीएफ केंद्र कुरारा, सहकारी समिति कुरारा, सहकारी समिति (बी-पैक्स) मिश्रीपुर व सिवनी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी समितियों व निजी खाद वितरण केंद्रों के सचिवों को सख्त निर्देश देते हुए प्रत्येक केंद्र का वितरण रजिस्टर बनाए जाने तथा किसानों की खतौनी व जोत के अनुसार टोकन प्रणाली अपनाकर खाद वितरण किए जाने के निर्देश दिए।
खाद वितरण में लापरवाही बरतने व केंद्रों का सतत् पर्यवेक्षण न किए जाने को लेकर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर, एआर सहकारिता रमाकांत द्विवेदी एवं जिला प्रबंधक पीसीएफ शरद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराने के उद्देश्य से शासन को पत्राचार किया है। साथ ही संबंधित तीनों अधिकारियों के वेतन रोके जाने की कार्रवाई की है।
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किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। कृषि विभाग का दावा है कि जनपद के सहकारिता बिक्री केंद्रों पर यूरिया 500.05 मीट्रिक टन, डीएपी 534.50 एमटी व एनपीके 418.20 एमटी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, बफर गोदाम महोबा में 2,170 एमटी यूरिया व 884 एमटी डीएपी जिले के लिए डंप है। जबकि निजी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया 2334.50 एमटी, डीएपी 1055.25 मीट्रिक टन व एनपीके 715.20 मीट्रिक टन किसानों के लिए उपलब्ध है। इसके बावजूद भी जिले में खाद का संकट किसान झेल रहे हैं।
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डीएम घनश्याम मीणा ने बुधवार को पीसीएफ केंद्र कुरारा, सहकारी समिति कुरारा, सहकारी समिति (बी-पैक्स) मिश्रीपुर व सिवनी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी समितियों व निजी खाद वितरण केंद्रों के सचिवों को सख्त निर्देश देते हुए प्रत्येक केंद्र का वितरण रजिस्टर बनाए जाने तथा किसानों की खतौनी व जोत के अनुसार टोकन प्रणाली अपनाकर खाद वितरण किए जाने के निर्देश दिए।
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खाद वितरण में लापरवाही बरतने व केंद्रों का सतत् पर्यवेक्षण न किए जाने को लेकर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर, एआर सहकारिता रमाकांत द्विवेदी एवं जिला प्रबंधक पीसीएफ शरद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराने के उद्देश्य से शासन को पत्राचार किया है। साथ ही संबंधित तीनों अधिकारियों के वेतन रोके जाने की कार्रवाई की है।
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किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। कृषि विभाग का दावा है कि जनपद के सहकारिता बिक्री केंद्रों पर यूरिया 500.05 मीट्रिक टन, डीएपी 534.50 एमटी व एनपीके 418.20 एमटी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, बफर गोदाम महोबा में 2,170 एमटी यूरिया व 884 एमटी डीएपी जिले के लिए डंप है। जबकि निजी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया 2334.50 एमटी, डीएपी 1055.25 मीट्रिक टन व एनपीके 715.20 मीट्रिक टन किसानों के लिए उपलब्ध है। इसके बावजूद भी जिले में खाद का संकट किसान झेल रहे हैं।