कमीशन को लेकर भिड़े सीएमओ-डिप्टी सीएमओ, डीएम ने दिए जांच के आदेश
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डीएम संजीव कुमार दफ्तर में सोमवार की दोपहर कामकाज निपटा रहे थे। कुछ फरियादी व अन्य लोग भी थे। इसी बीच डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार सीधे उनके कक्ष में आ पहुंचे। कहा कि उपकरणों की खरीद में सीएमओ कमीशन मांगते हैं। डीएम ने कुछ देर बाद बात करने के लिए कहा, लेकिन डॉ. संजय रुके नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय बधिरता बचाओ कार्यक्रम के तहत उपकरणों की खरीद के लिए सीएमओ से आदेश लेना था। सीएमओ ने ईएनटी डॉक्टरों से अनुमोदन लेने को कहा।
डॉ. संजय का कहना है कि 17 लाख रुपये के उपकरणों की खरीद के लिए डॉ. डीके द्विवेदी और डॉ. पीपी पाल से अनुमोदन लेकर सीएमओ को भेज दिया। इसके बाद सीएमओ ने तीस प्रतिशत कमीशन का दबाव बनाया। विरोध करने पर सीएमओ अपशब्दों का प्रयोग करने लगे।
डीएम ने दोनों पक्षों से वार्ता करने की बात कही। इस पर भी जब डिप्टी सीएमओ नहीं रुके तो डीएम ने जांच का आदेश दे दिया। इधर, सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय का कहना है कि वित्तीय मामले में मैं नोडल अधिकारी हूं और कोई रिस्क नहीं ले सकता, मैंने किसी तरह के अपशब्द का प्रयोग नहीं किया। सारे आरोप झूठे हैं। डिप्टी सीएमओ अपनी धांधली छिपाने के लिए उल्टे आरोप लगा रहे हैं। उधर, डीएम संजीव सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों की जांच कराने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।