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Kanpur News: 12 घंटे चली दिशा की बैठक, अफसरों के चेहरे पर 12 बजे

Wed, 14 Jan 2026 02:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 14 Jan 2026 02:00 AM IST
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Disha's meeting lasted 12 hours, and the officers' faces were sulky at 12 o'clock.
कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को कड़े नियमों के तहत हुई। बैठक में सिर्फ सदस्यों को अनुमति थी। इधर कई विधायक व सदस्य नहीं पहुंचे। सुबह साढ़े 11 बजे से हुई बैठक में सांसद ने 101 प्रोग्राम पर विस्तार से चर्चा कर अनुपालन आख्या तलब की। करीब 12 घंटे चली बैठक में अफसरों के चेहरे पर 12 बज गए। रात 10:30 बजे बैठक समाप्त की गई।
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अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट के मां मुक्तेश्वरी सभागार में बैठक हुई। बैठक में अकबरपुर से विधायक व प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, विधायक रसूलाबाद पूनम संखवार, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, अजीत पाल सिंह समेत कई सदस्य नहीं पहुंचे। इसको लेकर अंदर खाने गुटबाजी की चर्चाएं रहीं। हालांकि जो जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे वह लखनऊ में संगठन की बैठक में शामिल होने की वजह से न पहुंच पाने की बात कहते रहे।
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बैठक की जब शुरुआत हुई तो जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्पष्ट किया कि दिशा समिति की बैठक में केवल दिशा के अंतर्गत आने वाले विषयों पर ही चर्चा की जाए। अन्य स्थानीय अथवा विभागीय विषयों पर संबंधित फोरम अथवा विभागीय बैठकों में विचार किया जा सकता है। इसके बाद सांसद भोले ने गत बैठक की चर्चा करने के बाद गाइड लाइन के अनुसार एक एक बिंदु पर चर्चा शुरू कर दी। बैठक की शुरुआत से ही वीडियो रिकार्डिंग कराई जाने लगी। इधर सांसद ने दिशा के तहत आने वाले 101 प्रोग्राम की संबंधित विभागों से बिंदुवार प्रगति रिपोर्ट मांगनी शुरू कर दी। एक एक विभाग व एक-एक योजना के प्रगित पर बात शुरू होना शुरू हुई तो शाम के पांच बज गए।
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अफसर भी घड़ी देखने में लग गए, लेकिन बैठक के कुछ बिंदुओ पर ही चर्चा हुई थी। इस बीच अफसरों का रुख देख सांसद ने स्पष्ट कहा कि एक-एक बिंदु पर चर्चा होने के बाद ही बैठक समाप्त होगी। इस पर जिलाधिकारी ने भी सहमति जताई और सभी 101 प्रोग्राम पर समीक्षा व उनकी प्रगति जानने में 10:30 बज गए। करीब 12 घंटे तक अफसर बैठे रहे। समीक्षा के दौरान सांसद ने परिवहन विभाग को अब तक ओवरलोड वाहनों एवं बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही फिटनेस सेंटरों पर की गई जांचों की जानकारी भी सदन में प्रस्तुत करने को कहा।
इसके बाद सांसद वृक्षारोपण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के संबंध में जांच कराकर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में हो रही विकास को लेकर कानपुर विकास प्राधिकरण को अपने कर्मचारियों की जनपद कानपुर देहात में नियमित उपस्थिति रहने के लिए कहा गया। साथ ही अब तक कितने भवन मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कौशल मिशन के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में उपलब्ध कराए गए रोजगार की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया।
इसी क्रम में आरसेटी से वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशिक्षित व्यक्तियों की संख्या की जानकारी भी सदन द्वारा मांगी गई। सांसद ने एनएचएआई को बारा से कालपी मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराने, अकबरपुर पुल से थाने तक सर्विस रोड का निर्माण कराने तथा विभिन्न स्वीकृत पुलों शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सांसद द्वारा भारत सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए कि संबंधित विषय दिशा समिति के अंतर्गत आते हैं अथवा नहीं। इसके साथ ही जल निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी, एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, सीडीओ विधान जायसवाल, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, एडीएम न्यायिक दिग्विजय सिंह, सीएमओ डाॅ. एके सिंह, एएसपी राजेश पांडेय, जिला विकास अधिकारी/पीडी सुनील कुमार तिवारी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
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सांसद भोले ने किसानों और आमजन के मुद्दे पर की बात
दिशा की बैठक में दिशा की गाइड लाइन पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी से पूर्व की बैठक में जिन बिंदुओ पर चर्चा हुई थी उसकी भी जानकारी चाही गई। मेरा कहना है कि जिन मामलों पर दो से तीन बार जांच हो चुकी है। पहले जांच कुछ और थी और दोबारा की जांच कुछ और है। इसमें तय हुआ था कि दो लोग जाएंगे जो शिकायतकर्ता हैं। दिशा में वहीं जाता है जो सदस्य होता है। सदस्य गए नहीं, मामले को लीपपोत दिया गया और यह कह दिया गया दिशा की गाइड लाइन में नहीं हैं। इस पर हमने कहा था कि तब तक यथा स्थिति रखी जाए और भारत सरकार की गाइड प्राप्त कर लीजिए। यदि दिशा की गाइड लाइन में है तो उस पर विधिक कार्रवाई की जाए। मैंने कहा था कि चाहे वह पर्यावरण हो, भूगर्भ जल, क्रोमियम की स्थिति हो। इसके कारण किसानों की फसलें खराब हो रहीं है, लोगों को रोग हो रहा है। जिन उद्योगों की वजह से यह स्थिति बन रही है। चाहे छोटा उद्योग व बड़ा उद्योग हो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें केंद्र व प्रदेश सरकार मदद देती है। उन्होंने किसानों की जमीन का दोहन किया है भूगर्भ जल दूषित किया है। बीमारियों को बढ़ावा दिया, पर्यावरण, प्रदूषण, जनजीवन पर प्रभाव डाला है। इन पर कार्रवाई हो, यह सब दिशा में आते हैं। इसी पर मैंने चर्चा की है। पूरी बैठक की वीडियो ग्राफी कराई है। जनता की समस्या से जुड़े जो अन्य मुद्दे हैं, उन्हें अलग से रखा जाएगा। - देवेंद्र सिंह भोले, सांसद
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बैठक के निर्णय का अधिकार अध्यक्ष को है बोले जिलाधिकारी
दिशा की बैठक नियमों के तहत हुई है। मेरे द्वारा भारत सरकार की गाइड लाइन सभी को संज्ञानित कराई गई। मैंने वर्ष 2022 व 2024 की संशोधित गाइड लाइन बताई। सभी 101 प्रोग्राम पर अध्यक्ष जी ने चर्चा की। कुछ विधायक व सदस्यों ने लखनऊ में बैठक होने जानकारी दी थी, लेकिन बैठक के निर्णय का अधिकार अध्यक्ष को है। इस लिए मैंने अध्यक्ष जी को जानकारी दे दी। दिशा की गाइड लाइन के तहत सारे अधिकार अध्यक्ष के है। उन्होंने बैठक की तिथि पहले से निर्धारित कर रखी थी। इस लिए तय तिथि में बैठक हुई। बैठक में सारे बिंदु दिशा की गाइड लाइन पर ही हुए हैं। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
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वीबी–जी राम जी की बैठक में गई थी लखनऊ
दिशा की बैठक ऐसे दिन हुई, जिस दिन मुख्यमंत्री जी की बैठक थी। लखनऊ में वीबी–जी राम जी की बैठ थी। उसी में सब लोग आए थे, हम भी बैठक में शामिल होने गए थे। - प्रतिभा शुक्ला, विधायक अकबरपुर/राज्यमंत्री

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दिशा की बैठक से ज्यादा महत्वपूर्ण है संगठन
दिशा की बैठक से ज्यादा महत्वपूर्ण संगठन है। मंगलवार को संगठन की कार्यशाला थी। जिसमें केंद्रीय मंत्री, संगठन, विधायक, जिला व क्षेत्र पदाधिकारी बुलाए गए थे। सबसे महत्वपूर्ण बैठक थी। संगठन की बैठक की सूचना जिलाधिकारी को दी गई थी। इसमें बैठक आगे करने की बात कही गई थी। जिससे सभी लोग शामिल हो जाते। - पूनम संखवार
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