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खुलासा: गरीब और दलित बस्तियों के लोगों का करा रहे धर्मांतरण, अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर करते हैं ब्रेनवॉश

Mon, 01 Apr 2024 01:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 01 Apr 2024 01:27 PM IST
सार

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि शनिवार देर रात उन्नाव के मिड-वे चर्च में ईस्टर संडे का कार्यक्रम था। इसमें धार्मिक ग्रंथ बाइबिल को पढ़ा जाता है। कार्यक्रम समाप्त होने पर लोगों को उनके घर भेज दिया जाता है। नए लोगों को अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता है।

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Disclosure: Conversion of people from poor and Dalit settlements
धर्मांतरण मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जबरन धर्मांतरण कराने के लिए दो बसों से लोगों को नवाबगंज उन्नाव की एक चर्च ले जाए जाने की सूचना पर पुलिस ने शनिवार देर रात गंगा बैराज पर चेकिंग अभियान चलाया था। बसों को रोकने के बाद उनमें सवार 110 लोगों से नवाबगंज थाने लाकर पूछताछ की गई।
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पूछताछ में वादी ने बड़ा खुलासा किया है। संजय ने पुलिस को बताया कि ये लोग दूसरे जिलों से आकर गरीब और दलित बस्तियों में रहने वाले लोगों कभी शादी का लालच, किसी को बीमारी दूर करने का, किसी को नौकरी का, तो किसी को विदेश यात्रा का लालच देते हैं। गिरोह गरीब और दलित बस्तियों के लोगों को रुपये देकर धर्मांतरण करा रहा है।
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अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर करते हैं ब्रेनवॉश
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि शनिवार देर रात उन्नाव के मिड-वे चर्च में ईस्टर संडे का कार्यक्रम था। इसमें धार्मिक ग्रंथ बाइबिल को पढ़ा जाता है। कार्यक्रम समाप्त होने पर लोगों को उनके घर भेज दिया जाता है। बताया गया जो लोग ईसाई धर्म अपनाने के लिए तैयार हो जाते हैं, उन्हें चर्च ले जाने के बाद कार्यक्रम में शामिल किया जाता है। यहां वे लोग भी मिलते हैं, जो नए लोगों को अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर उनका ब्रेनवॉश करते हैं।
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संजय वाल्मीकि की तहरीर पर धर्मांतरण कराने के आरोप में साइमन विलियम और दीपक मोरिस के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की धारा-3 और धारा-5 (1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद सीआरपीसी की धारा 141 नोटिस देकर थाने से छोड़ा गया है।- महेश कुमार, एसीपी कर्नलगंज

क्या होता है धारा 141 का नोटिस
सीआरपीसी की धारा 141 में उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जब पुलिस अधिकारी मजिस्ट्रेट ऑर्डर या वारंट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है। वहीं धारा 141 ए में उन बातों का जिक्र है, जिनमें पुलिस अधिकारी के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बजाय नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। इसके अंतर्गत नोटिस जारी कर बांड भरवाया जाता है कि जानकारी लेने के लिए किसी भी समय पुलिस या कोर्ट आपको तलब कर सकती है। निर्धारित समय पर हाजिर होना पड़ेगा। हाजिर न होने पर आपके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

जिन लोगों को रोका गया, उन्हें चर्च नहीं बुलाया गया
चर्च में ईस्टर का कार्यक्रम चल रहा है। कानपुर पुलिस ने जिन लोगों को रोका, उन्हें इस चर्च में नहीं बुलाया गया था। वे कौन लोग हैं और कहां जा रहे थे, इसकी उन्हें जानकारी ही नहीं है।- राधेलाल, पादरी एबीसी चर्च, नवाबगंज उन्नाव

 

पुलिस ने भी कहा, धर्मांतरण जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ चर्च में
वहीं धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल द्विवेदी रात में ही अजगैन कोतवाली पहुंचे और चर्च में जांच की मांग की। इस पर अजगैन कोतवाली प्रभारी अवनीश सिंह पुलिस के साथ चर्च पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि चर्च में ईस्टर पर प्रार्थना सभा हो रही थी। धर्मांतरण जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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