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क्वारंटीन सेंटर में नहीं मिला सही खाना तो भागकर लगाई फांसी, पेड़ से लटका मिला लापता प्रवासी का शव
Sun, 31 May 2020 09:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सरसौल/कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सरसौल/कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 31 May 2020 09:35 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटर से भागकर प्रवासी ने फांसी लगा ली। सात दिन से लापता प्रवासी का शव रविवार को जमदा आश्रम के पास गंगा किनारे पेड़ से लटकता मिला। शव क्षतविक्षत था, जंगली जानवर उसके हाथ के पंजे और पैर खा गए थे।
प्रवासी एक बार पहले भी क्वारंटीन सेंटर से भागकर घर पहुंचा था और खाना पीना सही न मिलने की बात कही थी। हालांकि घर वालों ने उसे वापस भेज दिया था। महाराजपुर इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सैदलीपुर गांव निवासी सूरज सिंह यादव (22) नासिक में नौकरी करता था।
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प्रवासी एक बार पहले भी क्वारंटीन सेंटर से भागकर घर पहुंचा था और खाना पीना सही न मिलने की बात कही थी। हालांकि घर वालों ने उसे वापस भेज दिया था। महाराजपुर इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सैदलीपुर गांव निवासी सूरज सिंह यादव (22) नासिक में नौकरी करता था।
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15 मई को वापस आया। पहले तो प्रशासन ने उसे अपोलो कॉलेज में क्वारंटीन कराया। तीन दिन बाद उसे गांव के मिलन केंद्र में भेज दिया। यहां उसे 14 दिन क्वारंटीन रहने को कहा गया। 23 मई की देर शाम वह घर पहुंचा और परिजनों से घर में रहने की जिद करने लगा।
परिजनों ने उसे घर में नहीं घुसने दिया और क्वारंटीन सेंटर में ही रहने की बात कहकर लौटा दिया। इस पर वह अपना पर्स और मोबाइल फेंककर क्वारंटीन सेंटर चला गया। एसओ ने बताया कि 24 तारीख की सुबह से वह लापता हो गया। रविवार (31 मई) को उसका शव मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव घर वालों को सौंप दिया गया।
छह दिन बाद लिखी गुमशुदगी
सूरज 24 तारीख को लापता हुआ था लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और न ही गुमशुदगी दर्ज की। शनिवार को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की लेकिन उसकी खोजबीन नहीं की। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह का कहना है कि पुलिस की भूमिका की जांच की जाएगी।
परिजनों ने उसे घर में नहीं घुसने दिया और क्वारंटीन सेंटर में ही रहने की बात कहकर लौटा दिया। इस पर वह अपना पर्स और मोबाइल फेंककर क्वारंटीन सेंटर चला गया। एसओ ने बताया कि 24 तारीख की सुबह से वह लापता हो गया। रविवार (31 मई) को उसका शव मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव घर वालों को सौंप दिया गया।
छह दिन बाद लिखी गुमशुदगी
सूरज 24 तारीख को लापता हुआ था लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और न ही गुमशुदगी दर्ज की। शनिवार को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की लेकिन उसकी खोजबीन नहीं की। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह का कहना है कि पुलिस की भूमिका की जांच की जाएगी।