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Kanpur: नाश्ता छोड़ा तो काबू में आ गई डायबिटीज, जीएसवीएम के अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

Wed, 11 Sep 2024 12:07 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 11 Sep 2024 12:07 PM IST
सार

Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्ययन में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। 24 घंटे में 16 घंटे के उपवास से रोगियों को फायदा मिला है। छह किलो वजन गिरा, तो ट्राइग्लीसिराइड और कोलेस्ट्रॉल में भी कमी आई है।

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Diabetes came under control after skipping breakfast, shocking revelations came out in GSVM study
सांकेतिक - फोटो : istock

विस्तार

अगर खानपान के बीच का फर्क दुरुस्त रखा जाए तो अनियंत्रित डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। इतना ही नहीं शरीर का वजन भी कम होगा, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लीसिराइड की मात्रा भी कम हो जाएगी। यह तथ्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के शोध में उजागर हुआ है। रोगियों को प्रतिदिन सिर्फ 16 घंटे का उपवास कराया गया। इतने में ही चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। रोगियों की एचबीए1सी (एक माह की औसत शुगर) भी घट गई।

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मेडिसिन विभाग के इस शोध में हैलट ओपीडी में आने वाले उन रोगियों को शामिल किया गया, जिनका ब्लड शुगर लेवल दवा खाने के बाद भी नियंत्रण में नहीं आ रहा था। इसके साथ ही उनका लिपिड प्रोफाइल बढ़ा रहता था। कुछ रोगी मोटापा से ग्रस्त रहे। शोध मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार गुप्ता की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने किया। रोगी जो दवा खा रहे थे, उन्हें उसी को खाने दिया गया।
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शोध रिपोर्ट के मुताबिक रोगियों का सिर्फ नाश्ता बंद कराया गया। दोपहर और रात का खाना उसी तरह लेते रहे। नाश्ता बंद करने से रोगियों के दो बार के भोजन के बीच का गैप 16 घंटे हो गया। इससे तीन महीने के बाद फर्क आना शुरू हो गया। छह महीने में फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल में 20 से 25 और खाने के बाद के लेवल में 40 फीसदी कमी आई। रोगियों के शरीर का औसत वजन छह किलो कम हो गया। इसके अलावा खून में चिकनाई (ट्राइग्लीसिराइड) और कोलेस्ट्रॉल 40 से 50 मिग्रा प्रति डीएल कम हुआ।

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102 रोगियों पर दो साल चला शोध
यह शोध 102 रोगियों पर किया गया। शोध दो साल तक चला। डॉ. विशाल कुमार गुप्ता का कहना है कि रोगी जितनी कैलोरी ले रहे थे, उन्हें उतनी ही कैलोरी दी गई। फर्क सिर्फ दो बार के खाने के बीच में किया गया। इसके चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। रोगियों के लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर लेवल में छह महीने में कमी आ गई। इसके बाद स्थिति आगे भी नियंत्रित बनी रही। शोध से साबित है कि 24 घंटे में 16 घंटे का उपवास करके ब्लड शुगर लेवल के साथ मोटापा तथा लिपिड पर नियंत्रण रखा जा सकता है।

हर साल 20 फीसदी रोगी बढ़ते डायबिटीज के
हैलट की ओपीडी में हर साल डायबिटीज के 20 फीसदी नए रोगी पंजीकृत होते हैं। कम उम्र के रोगियों की भी संख्या बढ़ रही है। 30 से 40 साल आयु वर्ग में भी हाई ब्लड शुगर के रोगी आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये वे रोगी हैं, जो दूसरी बीमारी के इलाज के लिए आए थे, जांच कराई गई तो हाई ब्लड शुगर निकली। इसके अलावा बहुत से रोगी प्रि डायबिटिक स्टेज में होते हैं।

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