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Kanpur News: प्रतिबंध के बाद भी ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठ आवागमन जारी, हादसों का रहता डर

Wed, 27 Aug 2025 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 27 Aug 2025 12:41 AM IST
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Despite the ban, movement on tractor-trolleys continues, fear of accidents remains
फोटो 16 सीकेटीपी-10- परिचय-चित्रकूट धार्मिक क्षेत्र में इन्हीं ट्रैक्टरों से आए श्रद्धालु- फाइल
चित्रकूट। ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठाकर यात्रियों के ढुलान पर प्रतिबंध के बाद जिले में यह नजारा आम रहता है। जनवरी 2025 से अगस्त माह तक छह हादसों में चार महिलाओं की मौत के बाद भी यातायात पुलिस व एआरटीओ विभाग नहीं जागता है। इससे दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। हर दिन धर्मनगरी में ट्रैक्टर ट्राली में सवारियां ढोई जा रही हैं। हाईवे पर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कर रोक लगाई जाए तो हादसों से बचा जा सकता है।
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झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रयागराज व बांदा से सीधा लगा हुआ है। इस सड़क पर प्रतिदिन ट्रैक्टर-ट्राली में सवारियां ढोई जाती हैं। अमावस्या या अन्य पर्व पर इन वाहनों से हजारों श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्राली से भी आते हैं। जो जिला मुख्यालय से होते हुए अन्य जिलों के लिए भी जाती हैं।
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कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा का कहना है कि जिन स्थानों से वाहन गुजरते हैं। उन जगहों पर यातायात विभाग के पुलिस कर्मी सहित जिले के पुलिस कर्मचारी भी खडे़ रहते हैं। इसके बाद भी वाहन निकल जाते हैं। वाहन चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जबकि सच्चाई यह है कि पहले ही यदि ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई हो जाए, इतनी बड़ी दुर्घटना न हो। वहीं पुलिस सड़क सुरक्षा अभियान के नाम पर केवल खानापूर्ति करती है।
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कई घटनाएं हो चुकीं

शिवरामपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-मिर्जापुर मार्ग में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। शिवरामपुर के पास ही 19 फरवरी को अज्ञात वाहन की टक्कर होने से बैहार निवासी दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसी तरह से शिवरामपुर कस्बे के पास भागा नाला के पास कई दुर्घटनाएं हो चुकी है। मऊ के ढढवार गांव के पास फरवरी माह में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, इसमें 11 अन्य घायल हो गए थे। (संवाद)
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प्रतिबंध के बाद भी ट्रैक्टर-ट्राली से यात्रियों को ढोने की शिकायतें बहुत हैं। कई जगहों पर मजबूरी देखकर रियायत की जाती है। समय-समय पर चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है। इसी पखवाड़े ट्रैक्टर-ट्रालियों का भी पंजीयन कराने के लिए कहा गया है। अभी किसान ट्राली का पंजीयन नहीं कराता है। अब इस पर भी कार्रवाई होगी। -रामप्रकाश सिंह, एआरटीओ

वर्जन
ऐसे वाहनों को रोककर चालकको समझाया जाता है। मेला व किसी पारिवारिक कार्य में लोग ट्रैक्टर-ट्राली में बैठकर आते-जाते हैं। छह माह में ऐसे 180 ट्रैक्टर-ट्रालियों का चालान भी किया गया है। - शैलेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी
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