{"_id":"59ce754d4f1c1bcc538b4ef9","slug":"denial-of-sacrifice-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर में बलि का हुआ विरोध, फिर हुआ कुछ ऐसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर में बलि का हुआ विरोध, फिर हुआ कुछ ऐसा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
चकेरी लाल बंगला सुभाष रोड स्थित श्री काली जी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मन्नत पूरी होने पर शुक्रवार सुबह चकेरी लालबंगला सुभाष रोड पर स्थित श्री काली जी मंदिर पर बकरों की बलि देने आए लोगों का विरोध किया गया। गायत्री और पतंजलि परिवार ने भी जीव हत्या न करने की लोगों से गुजारिश की।
कानपुर के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के घर के पास बने मंदिर में श्री दुर्गा नवमी पर वार्षिक भंडारा आयोजित था। इस दौरान कुछ लोग बकरों की बलि चढ़ाने की तैयारी कर रहे थे। भंडारे के दौरान मौजूद श्रद्धालु समेत गायत्री व पतंजलि परिवार के लोगों ने बकरों की बलि का विरोध किया।
मंदिर कमेटी ने अपने भंडारे के पर्चे पर जीव बलि (बकरा) के स्थान पर नारियल की भेंट चढ़ाकर जीव रक्षा करने की अपील की। साथ ही कहा कि चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में बकरे की बलि काफी समय से बंद की जा चुकी है। इसके बाद लोग मान गए और वहां से चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के घर के पास बने मंदिर में श्री दुर्गा नवमी पर वार्षिक भंडारा आयोजित था। इस दौरान कुछ लोग बकरों की बलि चढ़ाने की तैयारी कर रहे थे। भंडारे के दौरान मौजूद श्रद्धालु समेत गायत्री व पतंजलि परिवार के लोगों ने बकरों की बलि का विरोध किया।
विज्ञापन
मंदिर कमेटी ने अपने भंडारे के पर्चे पर जीव बलि (बकरा) के स्थान पर नारियल की भेंट चढ़ाकर जीव रक्षा करने की अपील की। साथ ही कहा कि चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में बकरे की बलि काफी समय से बंद की जा चुकी है। इसके बाद लोग मान गए और वहां से चले गए।
विज्ञापन