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कानपुर: नहीं थम रहा डेंगू से हो रही मौतों का सिलसिला, उर्सला-हैलट में मरीजों की भरमार
Tue, 22 Oct 2019 10:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 22 Oct 2019 10:01 PM IST
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डेंगू से अस्पताल फुल
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में डेंगू से मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीमारी के शिकार तीन और लोगों की मंगलवार को जान चली गई। इनमें से दो मरीजों के लिवर खराब हो गए थे। जबकि तीसरे मरीज की मौत गुर्दे फेल होने से हुई। हैलट में डेंगू के लक्षणों वाले 80 मरीज पहुंचे।
वहीं उर्सला में अस्पताल की ओपीडी और नर्सिंगहोमों से डेंगू की जांच के लिए 70 मरीजाें के ब्लड सैंपल आए। घरों में डेंगू के लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पैर फूले हैं। चकेरी के राजकिशोर (45) की लालबंगला के एक अस्पताल में मौत हो गई।
परिजनों में बताया कि उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। इसके बाद गैस्ट्रोइंटाइटिस के लक्षण आ गए। और लिवर फेल होने से मौत हुई। इसी तरह के लक्षण कुलदेवी (62) में भी मिले। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर पहले उर्सला, फिर हैलट पहुंचे।
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इस दौरान उनकी मौत हो गई। बिधनू के राम विलास (55) की मौत गुर्दे फेल होने से हुई। उन्हें पहले से गुर्दे की दिक्कत थी। हैलट में डायलिसिस भी हुई थी। बेटे पवन ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. विनय कुमार ने बताया कि डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अधिक है। इनके लिवर और गुर्दे प्रभावित हो गए हैं। उधर, निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीजों की भरमार है।
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वहीं उर्सला में अस्पताल की ओपीडी और नर्सिंगहोमों से डेंगू की जांच के लिए 70 मरीजाें के ब्लड सैंपल आए। घरों में डेंगू के लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पैर फूले हैं। चकेरी के राजकिशोर (45) की लालबंगला के एक अस्पताल में मौत हो गई।
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परिजनों में बताया कि उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। इसके बाद गैस्ट्रोइंटाइटिस के लक्षण आ गए। और लिवर फेल होने से मौत हुई। इसी तरह के लक्षण कुलदेवी (62) में भी मिले। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर पहले उर्सला, फिर हैलट पहुंचे।
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इस दौरान उनकी मौत हो गई। बिधनू के राम विलास (55) की मौत गुर्दे फेल होने से हुई। उन्हें पहले से गुर्दे की दिक्कत थी। हैलट में डायलिसिस भी हुई थी। बेटे पवन ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. विनय कुमार ने बताया कि डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अधिक है। इनके लिवर और गुर्दे प्रभावित हो गए हैं। उधर, निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीजों की भरमार है।