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Kanpur News: मांगों पर अड़े बैनामा लेखक, दूसरे दिन भी दिया धरना
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इटावा/भरथना। प्रदेश में लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी दस्तावेज लेखक कार्य से विरत रहे। सभी तहसीलों में दस्तावेज लेखकों के साथ अधिवक्ताओं ने भी धरना दिया।
सदर तहसील परिसर में बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक धरने पर बैठे रहे। धरना देने वालों में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय नारायण वर्मा व दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव, स्टांप विक्रेता के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपूत, संतोष तिवारी, कृष्ण प्रताप सिंह भदौरिया, गौरव शर्मा, नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। वहीं भरथना में शुक्रवार को उपनिबंधक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार अतुल कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर आपत्तियां दर्ज कराई। इसके साथ ही संघ ने मांगों पर शीघ्र निर्णय न होने तक कार्य से विरत रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में इस प्रक्रिया में सात अधिकृत संस्थाओं को शामिल किया गया है व भविष्य में अन्य संस्थाओं एवं सोसायटियों को भी इससे जोड़े जाने की आशंका है। ज्ञापन देने वालों में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष अशोक रावत, महामंत्री आलोक पाल, कोषाध्यक्ष राजीव सक्सेना, उमेश यादव, राजेन्द्र तिवारी, विजय सिंह, रविन्द्र कुमार, सुशील पाल, रजनीश यादव,जगदीश यादव, अमित मिश्रा, राजेश दीक्षित, कमलेश शाक्य, अजय शाक्य, संदीप तिवारी, अजय त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
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जसवंतनगर तहसील स्थित उपनिबंधक कार्यालय के गेट पर दस्तावेज लेखक एवं स्टांप विक्रेताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना प्रदर्शन के चलते पूरे दिन उप निबंधन कार्यालय में कोई भी बैनामा व रजिस्ट्री नहीं हो सकी, जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दस्तावेज लेखक यूनियन के जिलाध्यक्ष मानसिंह यादव करते हुए कहा कि सरकार की नई व्यवस्था से दस्तावेज लेखन और स्टांप विक्रय कार्य से जुड़े लोगों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। धरना स्थल पर पहुंचे अधिवक्ता सोमिल सक्सेना सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और सरकार से संबंधित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। यूनियन के तहसील अध्यक्ष अनिल तिवारी, रणवीर सिंह यादव, जयवीर सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, समरेश सिंह एवं अंकित यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। (संवाद)
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सदर तहसील परिसर में बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक धरने पर बैठे रहे। धरना देने वालों में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय नारायण वर्मा व दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव, स्टांप विक्रेता के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपूत, संतोष तिवारी, कृष्ण प्रताप सिंह भदौरिया, गौरव शर्मा, नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। वहीं भरथना में शुक्रवार को उपनिबंधक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार अतुल कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर आपत्तियां दर्ज कराई। इसके साथ ही संघ ने मांगों पर शीघ्र निर्णय न होने तक कार्य से विरत रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में इस प्रक्रिया में सात अधिकृत संस्थाओं को शामिल किया गया है व भविष्य में अन्य संस्थाओं एवं सोसायटियों को भी इससे जोड़े जाने की आशंका है। ज्ञापन देने वालों में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष अशोक रावत, महामंत्री आलोक पाल, कोषाध्यक्ष राजीव सक्सेना, उमेश यादव, राजेन्द्र तिवारी, विजय सिंह, रविन्द्र कुमार, सुशील पाल, रजनीश यादव,जगदीश यादव, अमित मिश्रा, राजेश दीक्षित, कमलेश शाक्य, अजय शाक्य, संदीप तिवारी, अजय त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
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जसवंतनगर तहसील स्थित उपनिबंधक कार्यालय के गेट पर दस्तावेज लेखक एवं स्टांप विक्रेताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना प्रदर्शन के चलते पूरे दिन उप निबंधन कार्यालय में कोई भी बैनामा व रजिस्ट्री नहीं हो सकी, जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दस्तावेज लेखक यूनियन के जिलाध्यक्ष मानसिंह यादव करते हुए कहा कि सरकार की नई व्यवस्था से दस्तावेज लेखन और स्टांप विक्रय कार्य से जुड़े लोगों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। धरना स्थल पर पहुंचे अधिवक्ता सोमिल सक्सेना सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और सरकार से संबंधित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। यूनियन के तहसील अध्यक्ष अनिल तिवारी, रणवीर सिंह यादव, जयवीर सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, समरेश सिंह एवं अंकित यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। (संवाद)