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इंद्रकांत मामले की निष्पक्ष जांच को डीजीपी व अपर मुख्य सचिव से मिले मृतक के भाई, कही ये बात

Fri, 02 Oct 2020 12:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 02 Oct 2020 12:07 PM IST
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deceased's brother met DGP and Additional Chief Secretary for an impartial inquiry in Indrakant case
इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : amar ujala
महोबा के कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से परेशान मृतक के भाई ने लखनऊ पहुंच पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कराए जाने की मांग की गई है।
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उन्होंने अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ व जांच प्रभावित होने की आशंका जताई है। कस्बा कबरई निवासी मृतक कारोबारी इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से लखनऊ पहुंच मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिकायती पत्र सौंपा।
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जिसमें बताया कि उसके भाई इंद्रकांत से तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार छह लाख रुपये माहवार अपने मातहतों से अवैध वसूली करवाते थे। पैसे देने से मना करने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने का दबाव बनाया गया। सात सितंबर को इंद्रकांत ने वीडियो वायरल कर नौ सितंबर को प्रेस कांफ्रेंस करने की बात कही थी।
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इसके बाद पूर्व एसपी ने पेशेवर अपराधियों से उनके साले बृजेश शुक्ला को धमकी दिलाई क्योंकि उसके भाई ने उक्त घोषणा के बाद फोन स्विच ऑफ कर लिया था। जिसके साक्ष्य उनके पास मौजूद है। शिकायती पत्र में बताया कि घटना की जांच के लिए एसआईटी ने साक्ष्य एकत्र किए लेकिन उनके द्वारा दिए गए साक्ष्य, वायरल मैसेज व सोशल मीडिया के साक्ष्यों का सत्यापन पूर्व एसपी व उनके अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को तलबकर नहीं किया गया।

सिपाही अरुण यादव पूरे क्षेत्र के क्रशर व्यापारियों को धमकाकर अवैध वसूली करता था। सरकारी सेवा में होने के बावजूद उसके पास 30 से 35 डंपर व मशीनें हैं। उन्होंने मामले की विवेचना एसपी स्तर से ऊपर के रैंक के अधिकारी से कराए जाने, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी करवाने और मृतक परिवार व पार्टनरों की सुरक्षा करवाए जाने की मांग की।

घटना के बाद सबूतों की फाइल व डायरी गायब
इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी ने डीजीपी को सौंपे पत्र में एक नया खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि घटना के समय उसके भाई इंद्रकांत के पास कुछ सबूतों की फाइल व एक डायरी भी थी। जो आठ सितंबर को गोली लगने की घटना के बाद से गायब है। जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं हुई है।
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