{"_id":"5b6f15c94f1c1bf2258b460e","slug":"death-of-twins-in-suspicious-circumstances","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जुड़वां बहनों की मौत से गांव में दहशत, परिजनों का आरोप \"एल्बेंडाजोल ने छीन ली जिंदगी\"","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुड़वां बहनों की मौत से गांव में दहशत, परिजनों का आरोप "एल्बेंडाजोल ने छीन ली जिंदगी"
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
मासूम बच्चियों के गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के फतेहपुर जिले में बिंदकी के खजुआ ब्लाक के मड़रांव गांव में मासूम दो जुड़वा बहनों की शनिवार की सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दोनों गांव के ही स्कूल में एलकेजी की छात्रा थीं। परिजनों का आरोप है कि राष्ट्रीय कृमि दिवस पर स्कूल में बच्चियों को पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) दी गई थी। दवा खाने के बाद दोनों की तबियत खराब हो गई। शनिवार सुबह जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
उधर, सीएमओ डा. एके अग्रवाल ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि स्कूल में छह वर्ष के नीचे किसी भी बच्चे को अल्बेंडाजोल दवा नहीं खिलाई गई। जुड़वां बच्चियों को उल्टी-दस्त की वजह और ही है। समय से इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। डीएम आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि बच्चियां एक सप्ताह पहले से बीमार थीं। एल्बेंडाजोल इन्हें स्कूल में नहीं दी गई।
गांव निवासी सुधीर पाल मुंबई में ट्रक ड्राइवर है। सुधीर के एक बेटा शिवा और जुड़वा बेटियां पांच वर्षीय श्रेया और सृष्टि थीं। दोनों गांव के ही कल्ला सिंह सरस्वती बाल विद्या मंदिर में एलकेजी की छात्रा थीं। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को स्कूल में बच्चों को अल्बेंडाजोल की खुराक दी गई थी। बच्चियां घर पहुंची तो सब ठीक था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, सीएमओ डा. एके अग्रवाल ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि स्कूल में छह वर्ष के नीचे किसी भी बच्चे को अल्बेंडाजोल दवा नहीं खिलाई गई। जुड़वां बच्चियों को उल्टी-दस्त की वजह और ही है। समय से इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। डीएम आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि बच्चियां एक सप्ताह पहले से बीमार थीं। एल्बेंडाजोल इन्हें स्कूल में नहीं दी गई।
विज्ञापन
गांव निवासी सुधीर पाल मुंबई में ट्रक ड्राइवर है। सुधीर के एक बेटा शिवा और जुड़वा बेटियां पांच वर्षीय श्रेया और सृष्टि थीं। दोनों गांव के ही कल्ला सिंह सरस्वती बाल विद्या मंदिर में एलकेजी की छात्रा थीं। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को स्कूल में बच्चों को अल्बेंडाजोल की खुराक दी गई थी। बच्चियां घर पहुंची तो सब ठीक था।
विज्ञापन
डॉक्टर विमल सिंह का कहना है कि....
डेमो पिक
देर शाम से ही दोनों को को उल्टी-दस्त के साश पेट में तेज दर्द होने लगा। बच्चियों को घरेलू दवाएं दी गईं। शनिवार सुबह दोनों की हालत बिगड़ने पर निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। रास्ते में ही श्रेया की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचते ही सृष्टि ने भी दम तोड़ दिया। मां आरती देवी रो रो कर बेहाल दिखी।
घटना से अभिभावक और बच्चों में दहशत का माहौल इस कदर है कि अब कोई भी बच्चा कृमि की दवा खाना नहीं चाहता और ना ही कोई अभिभावक दवा खिलाने के लिए तैयार है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजुआ के प्रभारी डॉक्टर विमल सिंह का कहना है कि इस दवा के खाने से उल्टी-दस्त और पेट दर्द हो सकता है, लेकिन मौत नहीं हो सकती है।
घटना से अभिभावक और बच्चों में दहशत का माहौल इस कदर है कि अब कोई भी बच्चा कृमि की दवा खाना नहीं चाहता और ना ही कोई अभिभावक दवा खिलाने के लिए तैयार है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजुआ के प्रभारी डॉक्टर विमल सिंह का कहना है कि इस दवा के खाने से उल्टी-दस्त और पेट दर्द हो सकता है, लेकिन मौत नहीं हो सकती है।