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कन्नौज: कोरोना के संदेह वाली महिला की मौत, अब तक ये बात आई सामने
Wed, 18 Mar 2020 01:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Mar 2020 01:21 PM IST
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
कन्नौज में कोरोना के संदेह में हैलट में भर्ती कराई गई महिला को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन लखनऊ ले जाने की जगह घर ले आए। मंगलवार तड़के करीब चार बजे मौत हो गई। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के मिढ़ईपुरवा गांव पहुंचकर गहनता से जांच की। मेडिकल कॉलेज से भी महिला की केस हिस्ट्री निकाली गई।
इसके बाद सामने आया कि महिला को फेफड़ों की पुरानी बीमारी (सेप्टीसीमिया) थी। यही उसकी मौत की वजह बनी। कोरोना जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। फेफड़ों में लंबे समय से संक्रमण की वजह से ब्लड काउंट बढ़कर 27 हजार तक पहुंच गए थे।
इंदरगढ़ के मिढ़ईपुरवा गांव में रहने वाली 55 वर्षीय माया देवी पत्नी श्याम बिहारी को फेफड़ों की समस्या और बुखार होने पर रविवार को परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। हालत गंभीर देखकर मेडिकल कॉलेज से माया देवी को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. बृजेश कुमार की देखरेख में इलाज शुरू किया गया।
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इसके बाद सामने आया कि महिला को फेफड़ों की पुरानी बीमारी (सेप्टीसीमिया) थी। यही उसकी मौत की वजह बनी। कोरोना जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। फेफड़ों में लंबे समय से संक्रमण की वजह से ब्लड काउंट बढ़कर 27 हजार तक पहुंच गए थे।
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इंदरगढ़ के मिढ़ईपुरवा गांव में रहने वाली 55 वर्षीय माया देवी पत्नी श्याम बिहारी को फेफड़ों की समस्या और बुखार होने पर रविवार को परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। हालत गंभीर देखकर मेडिकल कॉलेज से माया देवी को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. बृजेश कुमार की देखरेख में इलाज शुरू किया गया।
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सोमवार शाम को हालत में सुधार न होने पर माया देवी को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन लखनऊ के बजाय घर लेकर आ गए। यहां मंगलवार तड़के करीब चार बजे मौत हो गई। माया देवी की मौत की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया।
कन्नौज सीएचसी प्रभारी डॉ. बृजेश कुमार शुक्ला और डॉ. आतिफ हसन की टीम महिला के गांव मिढ़ईपुरवा पहुंची। पति और बेटों से बातचीत और मेडिकल कॉलेज में माया देवी के इलाज की जानकारी के बाद टीम ने रिपोर्ट सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को सौंप दी। सीएमओ ने बताया कि महिला छह-सात साल से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थी। उसे फेफड़ों की पुरानी बीमारी (सेप्टीसीमिया) हो गई थी। दिल्ली से वह दिसंबर में कन्नौज आ गई थी।
तब से आसपास के डॉक्टरों से इलाज करा रही थी। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां से हैलट रेफर कर दिया गया था। हैलट में उपचार के दौरान मौत हो गई। माया देवी का ब्लड काउंट संक्रमण के कारण 27 हजार तक पहुंच गया था। यह सामान्य तौर पर 10 हजार के करीब होना चाहिए। महिला की मौत के बाद सीएमओ की ओर से महिला का डेथ ऑडिट जारी किया गया है।
कन्नौज सीएचसी प्रभारी डॉ. बृजेश कुमार शुक्ला और डॉ. आतिफ हसन की टीम महिला के गांव मिढ़ईपुरवा पहुंची। पति और बेटों से बातचीत और मेडिकल कॉलेज में माया देवी के इलाज की जानकारी के बाद टीम ने रिपोर्ट सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को सौंप दी। सीएमओ ने बताया कि महिला छह-सात साल से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थी। उसे फेफड़ों की पुरानी बीमारी (सेप्टीसीमिया) हो गई थी। दिल्ली से वह दिसंबर में कन्नौज आ गई थी।
तब से आसपास के डॉक्टरों से इलाज करा रही थी। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां से हैलट रेफर कर दिया गया था। हैलट में उपचार के दौरान मौत हो गई। माया देवी का ब्लड काउंट संक्रमण के कारण 27 हजार तक पहुंच गया था। यह सामान्य तौर पर 10 हजार के करीब होना चाहिए। महिला की मौत के बाद सीएमओ की ओर से महिला का डेथ ऑडिट जारी किया गया है।