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बेटी की हत्या: सौतेली मां ने ईंट से मारकर किया बेदम, पिता ने फर्श पर पटका, फिर जो किया जानकर कांप जाएगी रूह

Mon, 05 Feb 2024 01:34 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 05 Feb 2024 01:34 PM IST
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Daughter murder case in Bilhaur
सौतेली मां ने आठ साल की बेटी को पीट-पीटकर मार डाला - फोटो : अमर उजाला

बिल्हौर में अरौल थाना क्षेत्र के गजना गांव में सौतेली मां फरजाना व नशेबाज वाहन चालक पिता अनीस की पिटाई सहने वाली रेहाना मौत से पहले असहनीय पीड़ा से गुजरी थी। पहले मां ने डंडे व ईंट से हाथ-पैर, छाती और सिर पर कई वार कर उसे बेदम कर दिया था। इसके बाद घर आए पिता से उसने रेहाना की शिकायत की तो अनीस ने उसे फर्श पर पटका और लातों से मारा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है।

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मामले में यह बात भी सामने आई है कि सौतेली मां भीख मांगने का दबाव बनाकर बच्ची को अक्सर मारती पीटती थी। रेहाना के बड़े भाई रेहान उर्फ आर्यन ने बताया कि शनिवार को अम्मी ने जब रेहाना को मारा, तब वह सब्जी की दुकान पर था। जब घर आया तो उसे रेहाना नहीं मिली। कुछ ही देर में अब्बू आए। बहन रेहाना के छत पर मौरंग के ढेर में दबे होने की बात पता चलने पर अब्बू उसे निकालकर बाहर लाए। अम्मी ने रेहाना की झूठी शिकायत की तो अब्बू ने रेहाना को फर्श पर पटक दिया और लातों से पीटा।
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बाद में पुलिस के आने पर वह उसे लेकर अस्पताल चले गए। गांव निवासी फारुख, शराफत, आलम व आर्यन ने बताया कि जिस वक्त फरजाना रेहाना को पीट रही थी, मोहल्ले के अधिकांश लोग अपने घरों से पूरा नजारा देख रहे थे। फरजाना की झगड़ालू प्रवृत्ति के कारण कोई उससे कुछ नहीं बोला। उसने डंडा-बांस और ताड़ के डंडों से पीटते हुए रेहाना को मौरंग के ढेर में दबा दिया था। अनीस ने भी रेहाना को फर्श पर पटक दिया था।

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फोरेंसिक टीम ने हत्यारोपी दंपती के हाथों की बेंजाडिन टेस्ट किया तो दोनों के हाथों में रेहाना का ब्लड मिल गया। वारदात में प्रयुक्त ईंट व डंडे से भी खून मिला है। थाना प्रभारी के मुताबिक, कन्नौज के नौरंगपुर गुरसहायगंज निवासी साले अनीस आलम की तहरीर पर दंपती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया है।

हेड इंजरी से हुई थी मौत, सिर से पैर तक मिलीं चोटें
पिता और सौतेली मां ने रेहाना की बेरहमी से पिटाई की थी। इसका खुलासा रविवार को पोस्टमार्टम में हुआ। रेहाना के सिर से पैर तक चोटें मिली हैं। हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक, दो डॉक्टर डॉ. प्रशांत मिश्रा और डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा ने रेहाना के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम में रेहाना के सिर पर दो गंभीर चोटों के अलावा दोनों पैरों, हाथों, पीठ और पेट पर छह से ज्यादा चोटें मिली है। उसकी दादी, बुआ, गांव के लोगों व रिश्तेदारों ने उसका क्रिया कर्म किया।

रेहाना की तोड़ दी थी अंगुली, छोटी बहन के पैर गर्म चिमटे से जला दिए थे
पुलिस की जांच में हत्यारोपी फरजाना की और एक बेरहमी सामने आई। चार-पांच दिन पहले हत्यारोपी फरजाना ने रेहाना की छोटी बहन गुलऊसा के दोनों पैरों को गरम चिमटे से जला दिया था। इससे उसके दोनों पैर झुलस गए थे। उसकी खता इतनी थी कि घर का काम करने से मना कर दिया था। कुछ समय पहले घर का काम और भीख मांगने से मना करने पर रेहाना को भी उसकी सौतेली मां ने पीटा था। इससे उसकी हाथ में चोट आई थी। एक अंगुली भी टूट गई थी।

किसी को स्कूल नहीं जाने देती थी फरजाना
रेहान ने बताया कि अम्मी ने हम सभी भाई बहनों के स्कूल जाने पर रोक लगा रखी थी। उसे गांगूपुर में सब्जी की दुकान पर काम के लिए रोजाना भेजा जाता था। उसे प्रतिदिन सौ रुपये मिलते थे जो फरजाना ले लेती थी। सब्जी की दुकान पर न जाने पर उसे फरजाना पीटती थी। उसने बताया कि अब्बू भी अम्मी से बहुत डरते थे। कभी-कभी अम्मी अब्बू को पीटती थी। अम्मी की झूठी शिकायत करने पर अब्बू भी उसे व उसकी बहनों को पीटते थे। उसका कहना है कि अब हम तीन बचे भाई बहन दादी रन्नो, चौबेपुर के मालो गांव में रहने वाली बुआ शमा या फिर मामा अनीस आलम के घर नौरंगपुर गुरसहायगंज कन्नौज में ही रहेंगे।

ननिहाल पक्ष बोला, दोनों को दें फांसी
कन्नौज के नौरंगपुर गुरसहायगंज से आए पहली पत्नी के भाई अनीस आलम व रफीक ने बताया कि अनीश ने उनकी बहन मीरा का ठीक से इलाज तक नहीं कराया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। मीरा के साथ भी अनीस मारपीट करता था, लेकिन बच्चों के खातिर उन्होंने अनीस की शिकायत पुलिस से नहीं की थी। रेहाना की हत्या में अनीस का भी पूरा हाथ है। इसलिए सरकार दोनों को फांसी दे। रेहाना के भाई बहनों को हम पाल लेंगे।
 

हत्यारोपी महिला बोली, बिहारी सब पर भारी
सौतेली बेटी रेहाना को पीटकर मरणासन्न करने की खबर पाकर गांव के लोग अनीस के घर पहुंचे। भीड़ देख हत्यारोपी फरजाना भागने के लिए मकान की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी और बोली, एक बिहारी सब पर भारी है। हालांकि बाद में ग्रामीीणों ने उसे दबोच लिया।

आए दिन झगड़ा करने से सास ने घर छोड़ा
बुजुर्ग सास रन्नो ने बताया कि उसके दो पुत्र मेराज और अनीस थे। मेराज का पहले ही इंतकाल हो चुका है। छोटे बेटे अनीस की पहली पत्नी मीरा की मौत के बाद दूसरे निकाह में आई फरजाना के आए दिन झगड़ा करने और जान से मारने के लिए लाठी-डंडा उठा लेने के कारण वह भी घर छोड़करहि अपनी मालौं निवासी बेटी शमा के यहां रहने को मजबूर हैं।

14 बार फोन करने पर दो घंटे बाद आई पुलिस
ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार को बीट सिपाही को 14 बार कॉल की। 15वीं बार में बात होने पर पुलिस लगभग दो घंटे बाद पहुंची। उधर, बीट सिपाही मो. मंसूर का कहना है कि उसकी रात में ड्यूटी है। वह दिन में किसी से बात नहीं करता। हो सकता है कि ग्रामीणों ने मोबाइल पर कॉल की हो और वह सुन नहीं सका।

घर से भाग चुकी है हत्यारोपी फरजाना
ग्रामीणों के मुताबिक अनीस से निकाह करने के बाद फरजाना प्रेमी के साथ जेवर व नकदी लेकर भाग गई थी। काफी दिनों बाद अनीस अपनी एक बीघा जमीन फरजाना के नाम करने का भरोसा देकर उसे बिहार से घर लेकर आया था। चर्चा है कि अनीस ने फरजाना के घर वालों को पैसा देकर उसे खरीदा था।

अम्मी ने मारा है और फिर टूटती गई रेहाना की सांसों की डोर
मौरंग के ढेर के नीचे दबी रेहाना को जब ग्रामीणों ने बाहर निकाला तो प्रधान ने पूछा कि बिटिया किसने तुमको मारा है। कक्षा तीन में पढ़ने वाली रेहाना ने कहा कि अम्मी ने मारा है, यह कहने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे होश नहीं आया और रात में उसकी सांसें थम गईं।

ग्राम प्रधान अक्षय कटियार ने बताया कि रेहाना के घर के बगल में रहने वाला एक शख्स पूरी घटना का चश्मदीद है। उसी की सूचना पर वह रेहाना के घर गए तो फरजाना ने उनसे कहा कि रेहाना सो रही है और दरवाजा बंद कर दिया। शक होने पर उन्होंने ग्रामीणों को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया जो रेहाना मौरंग के ढेर में खून में लथपथ दबी मिली।

मायके पहुंचीं अनीस की दो बहनें शमा और शहनाज ने बताया कि फरजाना भाभी नहीं डायन थी। भाई अनीस ने जबसे उससे निकाह किया तब से हम दोनों ने मायके आना छोड़ दिया था। पहले वाली भाभी मीरा बहुत अच्छी थी, उनके इंतकाल के बाद भाई नशेबाजी करने लगे। फरजाना उनके साथ भी मारपीट करती थी।
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