मां की हत्या...बेटी और प्रेमी को सजा: तकिया से मुंह दबाकर मारा, ज्योति से बनी थी माहिरा अली, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur Crime: दूसरे धर्म के युवक से निकाह करने के विरोध पर बेटी ने वर्ष 2017 में प्रेमी संग हत्या की थी। मामले में मामा ने भांजी व प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। कोर्ट ने दोषी बेटी और प्रेमी को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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कानपुर में प्रेमी के साथ मिलकर मां की हत्या करने वाली बेटी और उसके प्रेमी को अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। महाराजपुर निवासी सरोजनी साहू ने चकेरी के सफीपुर निवासी उमाशंकर साहू से दूसरी शादी की थी।
उमाशंकर की मौत हो गई थी। दोनों के एक बेटी ज्योति थी। 19 वर्षीय ज्योति को पड़ोस की जेके रेयान कालोनी निवासी मोईन अली से प्यार हो गया। दोनों शादी करने की जिद कर रहे थे, जबकि सरोजनी मना करती थी। 18 अक्तूबर 2017 को सरोजनी के भाई महाराजपुर निवासी रामप्रकाश व मनोज साहू बहन से मिलने आए।
इस दौरान घर में ज्योति और मोईन मौजूद थे। सरोजनी पर शादी का दबाव बना रहे थे। उन्हें देखकर मोईन तैश में आकर सरोजनी को देख लेने की धमकी देकर चला गया था। फिर दोनों भाई भी अपने घर चले गए। अगले दिन सरोजनी को फोन मिलाया तो फोन नहीं उठा। दोनों भाई फिर सफीपुर पहुंचे, तो देखा कि सरोजनी का शव पड़ा था।
मामा ने लिखाई थी भांजी व प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट
शव के पास में तकिया भी पड़ा था। ज्योति और मोईन फरार थे। रामप्रकाश ने चकेरी थाने में भांजी ज्योति व मोईन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि मृतका के दोनों भाइयों रामप्रकाश व मनोज साहू समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानकर सजा सुनाई।
कोर्ट ने माना... यह शासन को चुनौती देने वाला अपराध
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवाह न करने देने पर बेटी ने प्रेमी संग मिलकर मां की हत्या कर दी। यह एक गंभीर और शासन को चुनौती देने वाला अपराध है। हालांकि एडीजीसी की फांसी की सजा की मांग पर कोर्ट ने कहा कि हत्या के तरीके में क्रूरता नहीं दिखती। इसलिए फांसी की सजा नहीं दी जा सकती।
मां संग जेल में रहेगी डेढ़ साल की बेटी
ज्योति साहू उर्फ माहिरा अली ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि उसकी डेढ़ साल की बच्ची है, जो मां के बिना नहीं रह सकती। इसलिए उसे भी जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार बच्ची की देखरेख के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
ज्योति से बनी थी माहिरा अली
बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में मोईन व माहिरा का निकाहनामा दाखिल किया गया था। इस पर कर्नलगंज स्थित मस्जिद मदरसा रहमिया के मौलवी रहे अब्सारउद्दीन ने कोर्ट में गवाही दी थी। उन्होंने कहा था कि 28 अगस्त 2017 को ज्योति ने धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपनाया। अपनी मां की मौजूदगी में निकाह किया था।