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एससी-एसटी एक्ट में फंसे आईआईटी के चारों प्रोफेसर्स ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, सुनवाई आज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Nov 2018 09:24 AM IST
सार
- दलित उत्पीड़न मामले में आईआईटी के चारों प्रोफेसर्स ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
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कानपुर आईआईटी
विस्तार
आईआईटी कानपुर के अस्टिेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले में फंसे संस्थान के चारों सीनियर प्रोफेसरों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। मंगलवार को ही मामले में चारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इसमें एफआईआर के बाद तुरंत गिरफ्तारी न करने की अपील की गई है। मामले में गुरुवार की सुबह सुनवाई होगी।
एसएसपी अनंतदेव ने भी चारों प्रोफेसरों के समर्थन में मंगलवार को मिलने गए प्रोफेसरों को यह आश्वासन दिया था कि मामले में जब तक जांच नहीं होगी, तब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि चारों काफी सीनियर प्रोफेसर हैं, इसलिए वह इस मामले में कोई भी खतरा नहीं लेना चाहते हैं।
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एसएसपी अनंतदेव ने भी चारों प्रोफेसरों के समर्थन में मंगलवार को मिलने गए प्रोफेसरों को यह आश्वासन दिया था कि मामले में जब तक जांच नहीं होगी, तब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि चारों काफी सीनियर प्रोफेसर हैं, इसलिए वह इस मामले में कोई भी खतरा नहीं लेना चाहते हैं।
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इस मामले में डॉ. सडरेला ने आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. ईशान शर्मा और प्रो. संजय मित्तल पर एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
साथी प्रोफेसरों ने दिया आर्थिक मदद का आश्वासन
चारों प्रोफेसरों को हाईकोर्ट में यह केस लड़ने के लिए काफी धनराशि की जरूरत होगी। ऐसे में इंस्टीट्यूट के 150 से ज्यादा प्रोफेसरों ने आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। सभी प्रोफेसर 15 से 20 हजार रुपये की मदद देंगे। इसके अलावा चारों प्रोफेसरों के परिजनों को भी सहायता प्रदान करने का फैसला साथी प्रोफेसरों ने लिया है।
साथी प्रोफेसरों ने दिया आर्थिक मदद का आश्वासन
चारों प्रोफेसरों को हाईकोर्ट में यह केस लड़ने के लिए काफी धनराशि की जरूरत होगी। ऐसे में इंस्टीट्यूट के 150 से ज्यादा प्रोफेसरों ने आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। सभी प्रोफेसर 15 से 20 हजार रुपये की मदद देंगे। इसके अलावा चारों प्रोफेसरों के परिजनों को भी सहायता प्रदान करने का फैसला साथी प्रोफेसरों ने लिया है।