फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Daily commuters and traders are troubled due to the closure of CNG buses.

Kanpur News: सीएनजी बसें बंद होने से दैनिक यात्री और व्यापारी परेशान

Wed, 08 Oct 2025 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 08 Oct 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
Daily commuters and traders are troubled due to the closure of CNG buses.
कानपुर देहात। रूरा से अकबरपुर होकर कानपुर जाने के लिए परिवहन व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जिले के अलग-अलग रूटों में चल रहीं सभी 28 सीएनजी बसें अब पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं। इससे दैनिक यात्रियों के साथ व्यापारियों को परेशानी हो रही है। लोग ई-बसों के साथ अन्य बसें संचालित करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में रूरा से अकबरपुर, अकबरपुर से कानपुर, मूसानगर से कानपुर तक 28 सीएनजी सिटी बसें संचालित हो रही थीं। ये बसें फजलगंज व रामादेवी तक जाती थीं। इनमें से सभी बसों की उम्र पूरी होने की वजह से इन्हें कंडम घोषित कर खड़ा कर दिया गया है। बसों का संचालन बंद होने से त्योहारी सीजन में जहां व्यापारियों को समस्या हो रही है। वहीं दैनिक यात्रा करने वाले लोगों की मुसीबतें भी बढ़ गई है।
विज्ञापन

दीपावली पर्व पर कई व्यापारी कानपुर सामग्री की खरीदारी करने के लिए आते-जाते हैं। इसके अलावा पढ़ाई करने वाले छात्र व अन्य लोगों का आना जाना होता है। सिटी बस से कम किराया लगने के साथ हर घंटे पर बस मिलने से लोगों को यात्रा करने में आसानी थी। बसों के बंद होने से डग्गामार वाहन चालक दोगुना किराया वसूल रहे हैं। अब लोग सिटी बस के साथ रनियां तक चलने वाली ई-बसाें का विस्तार करते हुए रूरा, अकबरपुर व रायपुर होते हुए मूसानगर तक चलाने की मांग कर रहे हैं। मगर ई-बसों के विस्तार व संचालन में चार्जिंग प्वाइंट रोड़ा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

........................
ठंडे बस्ते में गया चार्जिंग प्वाइंट का प्रस्ताव
कानपुर से रनियां के बीच ई-बसों का संचालन हो रहा है। इसे अकबरपुर सहित रूरा, डेरापुर व अन्य स्थानों तक चलाए जाने की मांग लोग लंबे समय से कर रहे हैं। अकबरपुर में डेढ़ करोड़ की लागत से बने बस स्टैंड का उद्घाटन करने के लिए आए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से लोगों ने मिलकर ई-बसों को चलाने की मांग रखी थी। इस पर सांसद के माध्यम से नगर पंचायत ने सिटी बस स्टैंड के पास ही जमीन उपलब्ध कराते हुए चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने का प्रस्ताव दिया था। इससे लोगों में यात्रा में सुविधा होने की आस जगी थी, लेकिन समय के साथ सब ठंडे बस्ते में चला गया।
...................
रोडवेज बसों की बढ़े संख्या, तो बने बात
यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए रोडवेज ने चार बसों को संचालित जरूर किया है, लेकिन वह लखनऊ तक चलने के कारण दिन में सिर्फ एक ही चक्कर लगा पाती हैं। ऐसे में सुबह के समय तो लोगों को सुविधा हो जाती है, लेकिन उसके बाद सिर्फ डग्गामार वाहन ही सहारा बचते हैं। लोगों का कहना है कि अगर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ा दी जाए, तो जरूरी थोड़ी सुविधा होगी।
.....................
बोले लोग-
समय के साथ किराया भी लग रहा अधिक
करवाचौथ व दीपावली में कारोबार की अधिकता रहती है। व्यापार के सिलसिले में सप्ताह में एक बार कानपुर जाना पड़ता है। पहले सिटी बस से सुबह जाकर शाम को वापसी हो जाती थी। अब बसों का संचालन बंद होने से अन्य साधनों से जाना पड़ रहा है। इसमें समय तो अधिक लग ही रहा है, साथ ही अधिक किराया भी देना पड़ता है। - प्रकाश नारायण, सर्राफा व्यापारी, रूरा
..................
सीएनजी बसों के बंद होने से सभी के लिए समस्या हो गई है। पढ़ने वाले छात्रों के अलावा मजदूरी करने वाले लोग प्रतिदिन कानपुर जाते-आते हैं। वहीं, व्यापारियों के लिए भी दिक्कत बढ़ गई है। छोटा हो या बढ़ा सभी को खरीदारी करने के लिए कानपुर जाना होता है। अब इन्हें दो गुणा किराया खर्च करना पड़ रहा है। - गोपाल पाल, नगर उपाध्यक्ष, व्यापार मंडल, गहलौं
.................
सिटी बसों की उम्र अगर पूरी होने वाली थी, तो जिम्मेदारों को इसके लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए थी। रनियां तक ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। इसे अकबरपुर सहित अन्य क्षेत्रों तक चलाया जाना चाहिए। चार्जिंग प्वाइंट के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - शिवम शर्मा, रूरा
...............
सिटी बस को दोबारा से चलाया जाना जरूरी है। जिले के लोगों के लिए यह लाइफ लाइन थी, लेकिन विभाग की लापरवाही से दैनिक यात्रा करने वालों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सिटी बस बंद होने से ऑटो व डग्गामार वाहन के चालक दोगुना किराया वसूल रहे हैं। साथ ही सड़क पर वाहन का घंटो इंतजार करना पड़ता है। - निशांत सिंह, रूरा

...............
वर्जन
सिटी बसों की समय सीमा पूरी होने के कारण उन्हें बंद किया गया है। दूसरी बसों को संचालित किए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। किसी कंपनी से टेंडर लिए जाने पर बसें चलाई जाएगी। अन्यथा की स्थिति में निदेशालय नई बसों की खरीद कर बसों को चलाने पर विचार करेगा। - महेश कुमार, एमडी, सिटी बस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed