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साइबर ठगों ने इंश्योरेंस एजेंटों से एक रुपये में खरीदा एक ग्राहक का डाटा, सभी क्राइम ब्रांच की रडार पर

Fri, 11 Jun 2021 03:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 11 Jun 2021 03:33 PM IST
सार

ठग मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंटों को एक ग्राहक की पूरी जानकारी देने के बदले एक रुपये देते थे।

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Cyber thugs bought data of a customer from insurance agents for one rupee, on the radar of all crime branches
साइबर क्राइम(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंश्योरेंस कंपनी के एजेंटों से ग्राहकों का डाटा खरीदकर प्रीमियम में छूट के बहाने ठगी करने वाला गिरोह बेहद शातिर है। ठग मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंटों को एक ग्राहक की पूरी जानकारी देने के बदले एक रुपये देते थे। एजेंट एक साथ तीन से चार हजार ग्राहकों का डाटा बेच देते थे। क्राइम ब्रांच की टीम अब इन एजेंट पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है।
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इस संबंध में कंपनी के अफसरों से भी टीम ने पूछताछ कर जानकारी ली है। ठगों के पास ग्राहक की पूरी जानकारी होती थी ऐसे में वह आसानी भरोसा कर लेते थे। यही भरोसा उन्हें ठगों के जाल में फंसा देता था। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि आरोपी जस्ट डायल साइट से इंश्योरेंस एजेंटों के नंबर निकालते थे। एजेंट से फोन पर ही डाटा की खरोद-फरोख्त करते थे। पैसों का ट्रांजेक्शन ऑनलाइन करते थे।
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एजेंट ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पॉलिसी नंबर, पॉलिसी की किस्त देने की तारीख, ईमेल आदि जानकारी दे देते थे। ठगी का पूरा खेल यहीं से शुरू होता था। वरुण, शिवम और आशीष ग्राहकों को फोन कर जाल में फंसाते थे। अफसर से बात कराने की बात कह ये अमन से ग्राहक की बातचीत कराते थे। जो खाते की जानकारी देता था। जिसमें पैसा जमा करना होता था।
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किराये पर लेते थे खाते, पेट्रोल पंप से निकालते थे रकम
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी जरूरतमंदों को पैसों का लालच देकर 20 से 30 हजार रुपये में खाता किराये पर ले लेते थे। ठगी की रकम उसी में जमा करवाते थे। ये पैसे वो पेट्रोल पंप पर सांठगांठ कर निकालते थे। वहां पर कार्ड स्वाइप करवाते थे। कुछ पैसा काटकर बाकी ले लेते थे। ये खेल इसलिए करते थे, जिससे वो पकड़ में न आएं। अगर एटीएम से पैसे निकालने जाते तो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे कैद हो सकते थे।

पांच खातों में मिले 30 लाख, सीज
क्राइम की जांच में अब तक आरोपियों के ऐसे 33 बैंक खातों की जानकारी हुई है। इसमें पांच खाते सीज करवा दिए गए हैं। 2019 से अब तक इन खातों में ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले हैं। सीज कराए गए खातों में करीब 30 लाख रुपये मिले हैं। अन्य खातों को सीज कराने की प्रक्रिया जारी है। इसमें से करोड़ों का ट्रांजेक्शन किया गया है। 

इसलिए शातिर हो गए आरोपी 
क्राइम ब्रांच के मुताबिक शिवम और करन दिल्ली में एक कॉल सेंटर में काम करते थे। जहां पर वो इंश्योरेंस से संबंधित मामले देखते थे। इस वजह से दोनों को काफी जानकारी थी। यहीं से उन्होंने फर्जीवाड़ा करने का मन बनाया। 
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