कानपुर में ‘ठगी’: आईआईटी छात्रा से लाखों का साइबर फ्रॉड, ऑर्डिनेंस कर्मी को प्रॉपर्टी के नाम पर ठगा
कानपुर में ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब आईआईटी छात्रा और ऑर्डिनेंस कर्मी से लाखों की ठगी के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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कानपुर में मुंबई पुलिस का सिपाही बनकर शातिर ने आईआईटी की पीएचडी छात्रा के खाते से लाखों की रकम उड़ा दी। मामले की जानकारी पर पीड़िता ने कल्याणपुर थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट कराई है। मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम कलमस्सरी निवासी संजना पौल आईआईटी कानपुर से पीएचडी कर रही है।
उनका बचत खाता कालामेस्सरी ब्रांच की फेडरल बैंक में है। शनिवार शाम खुद को मुंबई पुलिस का सिपाही बताने वाले युवक ने संजना को फोन किया। उसने वेरिफिकेशन के नाम पर उनके खाते की जानकारी हासिल कर ली। थोड़ी देर में उनके खाते से दो बार में 569738 रुपए पार हो गए।
कॉलोनी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
वहीं, कांशीराम आवास योजना में कॉलोनी दिलाने के नाम पर ऑर्डिनेंस कर्मी ने अपने बहनोई के साथ मिलकर चार लोगों से लाखों की ठगी कर ली। मामले की जानकारी पर पीड़ित पक्ष में पनकी थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नवाबगंज के ज्योरा निवासी मूलचंद वर्मा की कुछ दिनों पहले पनकी शाहपुर के ऑडिनेंस फैक्ट्री कर्मी निखिल गौतम से मुलाकात हुई थी। निखिल और उनके बहनोई ने मात्र 80 हजार में पनकी के शताब्दी नगर में कांशीराम कॉलोनी दिलाने का झांसा दे दिया।
इस पर पांच लोगों ने उसे चार लाख की रकम थमा दी। कुछ दिन बाद साथियों ने उन्हें कॉलोनी के फर्जी आवंटन पत्र भी थमा दिए। पनकी एसीपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।