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साइबर क्राइम: कानपुर से हैक कर रहे थे अमेरिका की कंपनियों का सर्वर, डॉलर में मांगते थे फिरौती, चार गिरफ्तार
Wed, 14 Jul 2021 05:32 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 14 Jul 2021 05:32 PM IST
सार
अपराधी डाटा रिलीज करने के नाम पर कंपनियों से डॉलर में फिरौती मांगते थे। क्राइम ब्रांच ने काकादेव में इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर सरगना को गिरफ्तार कर लिया।
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चार आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काकादेव में बैठकर अमेरिका की कंपनियों का सर्वर हैक कर डाटा रिलीज करने के नाम पर डॉलर में फिरौती मांगने वाले फर्ज इंटरनेशनल कॉल सेंटर का क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पर्दाफाश किया। क्राइम ब्रांच ने चार शातिरों को गिरफ्तार किया है।
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सभी से पूछताछ जारी है। काकादेव में नोएडा निवासी मुनेंद्र शर्मा ने एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर खोल रखा था। दिल्ली की एक कंपनी ने सेंटर को एक गेटवे उपलब्ध कराया था। दोनों कंपनियां मिलकर अमेरिका की बड़ी कंपनियों का सर्वर हैक करती थीं।
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उस पर एक मैसेज छोड़ती थीं। जिसमें इस कॉल सेंटर का नंबर दर्ज होता था। ये नंबर काकादेव स्थित काल सेंटर का था। यहां बैठे लोग कंपनियों से डाटा रिलीज करने के नाम पर भुगतान की राशि और तरीका बताते थे। यहीं से राशि का तय तोड़ भी होता था।
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एक कंपनी का डाटा रिलीज करने के नाम पर 300-400 डॉलर मांगे जाते थे। पेमेंट करने के बाद सर्वर का कोडवर्ड भेज दिया जाता था। उसके बाद पूरा डाटा रिलीज हो जाता था। इसी तरह से मुनेंद्र और उनका गिरोह लाखों की कमाई करते थे।
सूचना मिलने पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां दबिश दी और मुनेंद्र समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है। बुधवार को इस मामले में आरोपी चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
एक साल से चल रहा कॉल सेंटर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पिछले एक साल से कॉल सेंटर चला रहे हैं। हर महीने लाखों रुपये डॉलर में उनके खातों में आते थे। क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में आरोपियों के खातों में विदेश से लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। ये साक्ष्य बेहद अहम हैं।
आरोपियों ने बताया कि जो लोग पैसे नहीं देते थे उनका डाटा रिलीज नहीं किया जाता है। चूंकि डाटा बहुत महत्वपूर्ण होता था, इसलिए कंपनियां इनकी मांग को पूरा करती थीं। ये भी सामने आया कि कोई वायरस भी ये वहां के सिस्टम में भेजते थे। उसका एंटी वायरस देने के एवज में मोटी रकम वसूलते थे। हालांकि जब क्राइम ब्रांच प्रेसवार्ता करेगी तब सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
एक साल से चल रहा कॉल सेंटर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पिछले एक साल से कॉल सेंटर चला रहे हैं। हर महीने लाखों रुपये डॉलर में उनके खातों में आते थे। क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में आरोपियों के खातों में विदेश से लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। ये साक्ष्य बेहद अहम हैं।
आरोपियों ने बताया कि जो लोग पैसे नहीं देते थे उनका डाटा रिलीज नहीं किया जाता है। चूंकि डाटा बहुत महत्वपूर्ण होता था, इसलिए कंपनियां इनकी मांग को पूरा करती थीं। ये भी सामने आया कि कोई वायरस भी ये वहां के सिस्टम में भेजते थे। उसका एंटी वायरस देने के एवज में मोटी रकम वसूलते थे। हालांकि जब क्राइम ब्रांच प्रेसवार्ता करेगी तब सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
इंजीनियरिंग पास है मुनेंद्र
मुनेंद्र मूलरूप से नोएडा का रहने वाला है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान दिल्ली की कंपनी के संपर्क में वह आया था। जिसके बाद कानपुर में कॉल सेंटर का सेटअप किया गया। मुनेंद्र पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। मुनेंद्र के साथ तीन और मुख्य आरोपी हैं। अन्य किस-किस की भूमिका है उसकी जांच जारी है।
बैंक खाते सीज कराए जाएंगे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के कई बैंक खाते मिले हैं। जिनसे विदेशों से लेनदेन हुआ है। क्राइम ब्रांच इन सभी खातों को सीज कराएगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। कई गिरफ्तारी भी की गई है। बुधवार को प्रेसवार्ता कर पूरी जानकारी दी जाएगी। अभी तफ्तीश जारी है।
मुनेंद्र मूलरूप से नोएडा का रहने वाला है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान दिल्ली की कंपनी के संपर्क में वह आया था। जिसके बाद कानपुर में कॉल सेंटर का सेटअप किया गया। मुनेंद्र पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। मुनेंद्र के साथ तीन और मुख्य आरोपी हैं। अन्य किस-किस की भूमिका है उसकी जांच जारी है।
बैंक खाते सीज कराए जाएंगे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के कई बैंक खाते मिले हैं। जिनसे विदेशों से लेनदेन हुआ है। क्राइम ब्रांच इन सभी खातों को सीज कराएगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। कई गिरफ्तारी भी की गई है। बुधवार को प्रेसवार्ता कर पूरी जानकारी दी जाएगी। अभी तफ्तीश जारी है।