Cyber Crime: ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, 12 लोगों के वापस आए 6.31 लाख रुपये
कानपुर में साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन लोगों के 6.31 लाख रुपये वापस करवाए हैं। अधकिारियों का कहना है कि ऑनलइन ठगी से बचने के लिए लोगों को भी अपने स्तर से किसी लालच में न पड़ते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
विस्तार
कानपुर में कमिश्नरी पुलिस की साइबर सेल की टीम ने साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसकर लाखों रुपये गवाने वाले पीड़ितों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। साइबर सेल ने की टीम ने मई माह में हुई घटनाओं में कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को छह लाख 31 हजार 274 रुपये लौटाए। अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाते ही पीड़ितों के चेहरे खिल उठे।
डीसीपी क्राइम ने बताया कि मई माह में साइबर ठगी की करीब 12 शिकायतें दर्ज हुई थीं। साइबर अपराधियों द्वारा आम जनता को भ्रमित कर उनसे उनके बैंक खाते एवं डेविट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, रिवॉर्ड पॉइंट, बैंक केवाईसी, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, ओटीपी पूछकर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराकर धोखाधड़ी के सम्बन्ध में किये गये थे। इस पर कारवाई करते हुए विभिन्न पीड़ितों के खाते में मई माह में कुल 6,31,274 रुपये की धनराशि वापस करायी गई।
ये हुए थे ठगी के शिकार
चकेरी के हरजेंद्रर नगर निवासी महेंद्र कुमार, राकेश कुमार, एयरफोर्स कॉलोनी निवासी लेनका मनमधा कुमार, पुराना शिवली रोड निवासी आलोक सिंह, फजलगंज आरके नगर निवासी कपिल, जूही निवासी सबी जहरा, दादानगर निवासी अमन मिश्र, केपी यूनिवर्सिटी निवासी राजेंद्र प्रसाद, कल्याणपुर निवासी सुनीता, काकादेव निवासी कृष्ण कांत पाठक,किदवईनगर निवासी रमा मिश्रा, नौबस्ता निवासी आलोक कुमार, आजाद नगर निवासी रोहित कुमार, पनकी निवासी अविनाश, कृष्णानगर निवासी अंचल भाटिया, बारादेवी निवासी शशांक साहू शामिल हैं।
ऐसे बचें साइबर ठगों से
-गूगल या अन्य सर्च इंजन पर किसी कंपनी या बैंक का कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें। इसके लिए संबंधित कंपनी या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
-अपने वाॅलेट या बैंक खाते की जानकारी किसी से भी साझा न करें।
-ऑनलाइन प्लेटफार्म पर खरीदारी करते या सामान बेचते समय दूसरी पार्टी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। सामान को भौतिक रूप से देखने के बाद और क्रेता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर ही भुगतान करें।
-किसी भी सोशल साइट पर कम कीमत पर सामान खरीदने का विज्ञापन देखकर लालच में न आएं। विश्वसनीय साइट से ही ऑनलाइन सामान खरीदें। सामान आर्डर करते समय कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प इस्तेमाल करना बेहतर है।
-किसी अंजान व्यक्ति के बहकावे में आकर एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट आदि रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें और न ही किसी लिंक पर क्लिक करें।