Cyber Crime: दीवाली ऑफर और कैश बैक का झांसा देकर 45 लोगों से ठगी, साइबर सेल ने शुरू की मामले की जांच
कानपुर में साइबर सेल के पास महज एक सप्ताह के भीतर 45 से ज्यादा साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। अब साइबर सेल इन सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही लोगों को अलर्ट भी कर रही है।
विस्तार
कानपुर साइबर ठगों ने पिछले एक सप्ताह में कैश बैक का झांसा देकर करीब 45 लोगों के खातों से लाखाें रुपये पार कर दिए। ज्यादातर लोगों से ठगी दिवाली कैशबैक, ऑनलाइन शॉपिंग और गिफ्ट का झांसा देकर की गई। साइबर सेल ने इन सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।
एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि दिवाली पर साइबर ठगी की बाढ़ सी आ गई है। ठगों ने रतनलाल नगर निवासी दिव्यांश को कैश बैक का झांसा देकर 25 हजार रुपये पार कर दिए। ऐसे ही दादा नगर में फैक्ट्री चलाने वाले विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों को मिठाई बांटने के लिए शहर की एक नामी दुकान की वेबसाइट से ऑनलाइन ऑर्डर किया था।
सवा लाख रुपये भुगतान करने के बाद पता चला कि संबंधित वेबसाइट साइबर ठगों की थी। इसी तरह सिविल लाइंस निवासी अनस अहमद ने भारी डिस्काउंट के लालच में ऑनलाइन मोबाइल बुक किया था। बाद में पता चला कि वह वेबसाइट फर्जी थी। बिरहाना रोड निवासी नितिन रस्तोगी से कैश बैक के नाम पर खाते की डिटेल और ओटीपी हासिल करके 1.25 लाख रुपये उड़ा लिए गए।
आउटर पुलिस ने शुरू किया प्रशिक्षण
आउटर क्षेत्र में भी साइबर ठगी के मामले में बढ़ रहे हैं। एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने सभी थानेदारों को साइबर एक्सपर्ट से प्रशिक्षण दिलवाना शुरू कर दिया है। अगर साइबर ठगी के बाद कोई थाने पहुंचता है तो उसकी मदद कैसे करनी चाहिए, साइबर ठगों का अकाउंट कैसे फ्रीज कराया जाता है, ठगी की रकम किस तरह से वापस आती है आदि जानकारी दी जा रही है।
दो लोगों के रुपये वापस कराए
साइबर सेल की टीम ने ठगी के शिकार सुनील कुमार के 25 हजार रुपये वापस कराए हैं। साइबर ठगों ने उन्हें क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर ऑनलाइन खरीदारी कर ली थी। साइबर सेल की टीम ने एमेजॉन मर्चेंट कंपनी से पत्राचार कर व नोडल अफसर से बात कर लेनदेन रुकवाकर रुपये वापस करा दिया। इसी तरह रिटायर्ड बैंक मैनेजर दयाकृष्ण के खाते में तीन लाख रुपये वापस कराए। ऐनीडेस्क एप के जरिये उनसे ठगी हुई थी।
साइबर ठगी से ऐसे बचें
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी से भी अपना ओटीपी व एटीएम का पासवर्ड शेयर न करें।
- मुफ्त कुछ नहीं मिलता। मुफ्त मिलने संबंधी कॉल पर अलर्ट हो जाएं।
- अगर कोई आपके खाते की केवाईसी के लिए कॉल करता है तो उसे अनदेखा करें।
- इंटरनेट मीडिया पर किसी भी अनचाहे ई-मेल, एसएमएस या मैसेज में आए अटैचमेंट या लिंक को न खोलें।
- ईमेल, वेबसाइट और अज्ञात ई-मेल भेजने वालों के स्पेलिंग एक बार जरूर चेक कर लें। क्योंकि ठग मिलती-जुलती स्पेलिंग से ठगी करते हैं।
- अपने पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें।