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धर्म का समावेश न होने पर बदली राजनीति की दिशा
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श्रीमद्भागवत कथा सुनाते देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। भगवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि धर्म का समावेश न होने पर राजनीति दिशा भ्रमित हो जाती है। देश को विश्व गुरु बनाना चाहते हैं तो ऋषि-मुनियों के आचरण को अपनाना होगा। साधु, भक्त और ब्राह्मण का अपमान करने वाले को ब्रह्मांड में कोई नहीं बचा सकता। सभी को सनातन धर्म का आदर करना आना चाहिए। तभी हमारे बच्चे हमारी परंपराओं से अवगत होंगे।
शेखपुर-करोवन मोड़ मैदान में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन उन्होंने युवाओं से कहा कि गलत आदतों और कार्यों से दूर रहोगे तो जीवन में आनंद और समाज में सम्मान मिलेगा। उन्होंने ‘राधा नाम की लग गई डोर मन राधे राधे बोल’ और क्या तू लेकर आया बंदे, क्या लेकर जाएगा, मुट्ठी बांधे आया है और हाथ पसारे जाएगा, जैसे भजन सुनाए तो पूरा पांडल तालियों से गूंज उठा। कथा सुनाते हुए बताया कि राजा परिक्षित को श्राप लगा कि सातवें दिन मृत्यु सर्प दंश से होगी। राजा परीक्षित ने उसी क्षण अपना महल छोड़ दिया। अपना सर्वस्व त्याग कर मुक्ति का मार्ग खोजने निकल पड़े। गंगा तट पर पहुंचकर संतों से पूछा की जिस की मृत्यु सातवें दिन है उस जीव को क्या करना चाहिए। किसी ने कहा गंगा स्नान करो, किसी ने कुछ और बताया। तभी वहां शुकदेव जी पधारे।
उन्होंने बताया कि भागवत कथा सुननी चाहिए। रविवार को श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वृतांत सुनाया जाएगा। कथा में फतेहपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी पहुंची। उन्होंने व्यास पीठ की अर्चना कर कहा कि भागवत कथा से मानव का उत्थान होता है। सनातन धर्म को मजबूती मिलती है।
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शेखपुर-करोवन मोड़ मैदान में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन उन्होंने युवाओं से कहा कि गलत आदतों और कार्यों से दूर रहोगे तो जीवन में आनंद और समाज में सम्मान मिलेगा। उन्होंने ‘राधा नाम की लग गई डोर मन राधे राधे बोल’ और क्या तू लेकर आया बंदे, क्या लेकर जाएगा, मुट्ठी बांधे आया है और हाथ पसारे जाएगा, जैसे भजन सुनाए तो पूरा पांडल तालियों से गूंज उठा। कथा सुनाते हुए बताया कि राजा परिक्षित को श्राप लगा कि सातवें दिन मृत्यु सर्प दंश से होगी। राजा परीक्षित ने उसी क्षण अपना महल छोड़ दिया। अपना सर्वस्व त्याग कर मुक्ति का मार्ग खोजने निकल पड़े। गंगा तट पर पहुंचकर संतों से पूछा की जिस की मृत्यु सातवें दिन है उस जीव को क्या करना चाहिए। किसी ने कहा गंगा स्नान करो, किसी ने कुछ और बताया। तभी वहां शुकदेव जी पधारे।
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उन्होंने बताया कि भागवत कथा सुननी चाहिए। रविवार को श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वृतांत सुनाया जाएगा। कथा में फतेहपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी पहुंची। उन्होंने व्यास पीठ की अर्चना कर कहा कि भागवत कथा से मानव का उत्थान होता है। सनातन धर्म को मजबूती मिलती है।
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