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सीएसजेएमयू : 600 से अधिक छात्रों ने 51 बार किया सामूहिक सूर्य नमस्कार
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छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में सूर्य नमस्कार करते विद्यार्थी।
- फोटो : विवि
कानपुर। मकर संक्रांति के अवसर पर छत्रपति शाहूजी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) के स्टेडियम में बुधवार को आओ सूर्य नमस्कार करें कार्यक्रम के तहत 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से 51 बार सूर्य नमस्कार किया। शुभारंभ प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने किया।
डॉ. वंदना पाठक ने सूर्य नमस्कार के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले सूर्य नमस्कार के अभ्यास से उन्होंने घुटनों की समस्या से राहत पाई है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योग आसनों का अभ्यास करना चाहिए।
प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने मकर संक्रांति के पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसी दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जो योग, साधना और आत्मविकास के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। उन्होंने कहा कि जो छात्र-छात्राएं सूर्य नमस्कार को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाएंगे, उन्हें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होगी।
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विभिन्न विभागों, महाविद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों के सहयोगी शिक्षकों को प्रति कुलपति ने स्मृति चिह्न एवं प्रमाण पत्र दिया। कार्यक्रम में डॉ. रामकिशोर, चीफ वार्डन डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी, स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी, डॉ. श्रवण कुमार यादव, डॉ. निमिषा सिंह कुशवाहा, डॉ. राघवेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. आरपी सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी, डॉ. सौरभ त्रिपाठी मौजूद रहे।
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डॉ. वंदना पाठक ने सूर्य नमस्कार के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले सूर्य नमस्कार के अभ्यास से उन्होंने घुटनों की समस्या से राहत पाई है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योग आसनों का अभ्यास करना चाहिए।
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प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने मकर संक्रांति के पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसी दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जो योग, साधना और आत्मविकास के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। उन्होंने कहा कि जो छात्र-छात्राएं सूर्य नमस्कार को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाएंगे, उन्हें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होगी।
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विभिन्न विभागों, महाविद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों के सहयोगी शिक्षकों को प्रति कुलपति ने स्मृति चिह्न एवं प्रमाण पत्र दिया। कार्यक्रम में डॉ. रामकिशोर, चीफ वार्डन डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी, स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी, डॉ. श्रवण कुमार यादव, डॉ. निमिषा सिंह कुशवाहा, डॉ. राघवेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. आरपी सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी, डॉ. सौरभ त्रिपाठी मौजूद रहे।