प्रॉविडेन्ट फंड में करोड़ों का घोटाला, अब इस शहर से जुड़ रहे तार
- पीएफ घोटाले में 20 लाख रुपये कानपुर से भी निकले
-कानपुर दक्षिण के एक बैंक खाते से हुआ पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर
-द्वारिका दिल्ली के पीएफ विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों ने किया है घोटाला
-क्लेम लेने वालों के फर्जी एकाउंट खोल कर फर्जी क्लेम पास कराए गए
-विभाग ने जांच शुरू की, बढ़ सकती है घोटाले की रकम
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विस्तार
दिल्ली के द्वारका में पीएफ विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा किए करोड़ों के घोटाले के तार कानपुर से भी जुड़ गए हैं। शातिरों ने कानपुर दक्षिण के एक बैंक खाते में भी लेन-देन करके करीब 20 लाख रुपये निकाल लिए हैं। अब विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, कर्मचारी नेताओं ने भी आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दिल्ली में द्वारका में ईपीएफओ कार्यालय है। देशभर से आने वाले पीएफ के ऑनलाइन क्लेम द्वारिका आफिस से ही पास होते हैं। यहां कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने क्लेम लेने वालों के फर्जी एकाउंट खोल कर फर्जी क्लेम पास करा लिए। यह सब ऑनलाइन हुआ। शुरूआती जांच में करीब 10 करोड़ के घोटाले का मामला अब तक प्रकाश में आ चुका है। लेकिन यह रकम और भी बढ़ सकती है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि विभाग की ओर से दिल्ली के द्वारका थाने में 20 मार्च को इस मामले की शिकायत की गई थी। इसमें में एक व्यक्ति की पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी की है। कई और लोगों के शामिल होने की आशंका है। जब विभाग ने अपनी विभागीय जांच की तो पता चला कि दक्षिण कानपुर के बैंक आफ बड़ौदा की एक शाखा से भी 26 फरवरी को 20 लाख रुपये एक क्लेम धारक के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विभाग पता लगा रहा है कि किस स्तर पर चूक हुई। रकम की भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह रकम 20 लाख से और भी अधिक हो सकती है।
ऐसे की करोड़ों की हेराफेरी
मिटा देते थे अन्य ऑनलाइन जानकारी
ऐसे पकड़ में आया मामला
कर्मचारी बोले, खत्म हो आउटसोर्सिंग व्यवस्था