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कानपुर: ओएलएक्स पर सस्ते वाहन बेचने के नाम पर करोड़ों की ठगी, पुलिस गिरोह का जल्द कर सकती है खुलासा
Thu, 08 Oct 2020 11:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:56 PM IST
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यूपी पुलिस
कानपुर में ओएलएक्स पर सस्ते भारी वाहनों को बेच कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का बर्रा पुलिस जल्द खुलासा कर सकती है। पुलिस ने गिरोह के आधा दर्जन सदस्यों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। गिरोह ने यूपी, उड़ीसा, पंजाब, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के पूंजीपतियों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।
ठगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही दूर दराज के राज्यों में रहने वाले पीड़ितों ने बर्रा थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुछ पीड़ितों से बातचीत के दौरान पता चला कि ठगों ने उन्हें सस्ते वाहन बेचने का लालच देकर मोटी रकम हजम कर ली थी।
उड़ीसा रायगढ़ा निवासी दिलशाद ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले उन्होंने ओएलएक्स पर 12 टायरा ट्रक देखा। ट्रक की कीमत 44 लाख रुपये बताई गई थी। दाम कम लगने पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया।
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फोन रिसीव करने वाले से डील तय होने पर उसने मिलने के लिए कानपुर के मालरोड स्थित ऑफिस में मिलने को बुलाया। ऑफिस में शमी अहमद नाम के शख्स से उनकी मुलाकात हुई। शमी ने उसने और भी कई गाड़ियां दिखाई, जिसमें तीन गाड़ियां पसंद आईं।
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ठगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही दूर दराज के राज्यों में रहने वाले पीड़ितों ने बर्रा थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुछ पीड़ितों से बातचीत के दौरान पता चला कि ठगों ने उन्हें सस्ते वाहन बेचने का लालच देकर मोटी रकम हजम कर ली थी।
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उड़ीसा रायगढ़ा निवासी दिलशाद ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले उन्होंने ओएलएक्स पर 12 टायरा ट्रक देखा। ट्रक की कीमत 44 लाख रुपये बताई गई थी। दाम कम लगने पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया।
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फोन रिसीव करने वाले से डील तय होने पर उसने मिलने के लिए कानपुर के मालरोड स्थित ऑफिस में मिलने को बुलाया। ऑफिस में शमी अहमद नाम के शख्स से उनकी मुलाकात हुई। शमी ने उसने और भी कई गाड़ियां दिखाई, जिसमें तीन गाड़ियां पसंद आईं।
गाड़ियों की खरीद के लिए एग्रीमेंट भी कराया गया। इसके बाद उड़ीसा वापस लौट कर शमी के बताए गए बैंक अकाउंट पर 30.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद से न तो उन्हें वाहन मिले और न ही पैसा वापस किया गया।
इसी तरह से उड़ीसा के जाजपुर निवासी तसलीम खान ने भी ओएलएक्स के जरिए ही कानपुर के ठगों से संपर्क किया। तसलीम ने बताया कि शमी से ही उनकी भी मुलाकात हुई। उसने साथ ले जाकर मिर्जापुर में दो 14 चक्का ट्रक, एक वाहन प्रयागराज में और दो कानपुर में दिखलाए।
इसमें से तीन वाहनों को खरीदने के लिए फाइनल किया। कुल 53.70 लाख रुपये का भुगतान बताया गया था। उन्होंने सावधानी बरतते हुए पहले 29.50 लाख बताए गए खाते में ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बाद से ही शमी ने उनसे संपर्क खत्म कर दिया।
इसी तरह सीतापुर के प्रदीप यादव ने 9.5 लाख, चकेरी कांजीखेड़ा निवासी सुदामा राठौर से 1.5 लाख, बाबूपुरवा बेगमपुरवा निवासी सलमान से 2.60 लाख रुपये भी सस्ते भारी वाहनों को बेचने के नाम पर ठग लिए। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही खुलासा करने की बात कही।
इसी तरह से उड़ीसा के जाजपुर निवासी तसलीम खान ने भी ओएलएक्स के जरिए ही कानपुर के ठगों से संपर्क किया। तसलीम ने बताया कि शमी से ही उनकी भी मुलाकात हुई। उसने साथ ले जाकर मिर्जापुर में दो 14 चक्का ट्रक, एक वाहन प्रयागराज में और दो कानपुर में दिखलाए।
इसमें से तीन वाहनों को खरीदने के लिए फाइनल किया। कुल 53.70 लाख रुपये का भुगतान बताया गया था। उन्होंने सावधानी बरतते हुए पहले 29.50 लाख बताए गए खाते में ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बाद से ही शमी ने उनसे संपर्क खत्म कर दिया।
इसी तरह सीतापुर के प्रदीप यादव ने 9.5 लाख, चकेरी कांजीखेड़ा निवासी सुदामा राठौर से 1.5 लाख, बाबूपुरवा बेगमपुरवा निवासी सलमान से 2.60 लाख रुपये भी सस्ते भारी वाहनों को बेचने के नाम पर ठग लिए। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही खुलासा करने की बात कही।