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हरदोई: विद्युत उपकेंद्र के ठेकेदार के बेटे का अपहरण, खोजबीन में जुटी पुलिस
Wed, 02 Sep 2020 03:37 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 02 Sep 2020 03:37 PM IST
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विद्युत उपकेंद्र के ठेकेदार के बेटे का अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई जिले के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बीकापुर में निर्माणाधीन विद्युत उप केंद्र के ठेकेदार के बेटे का संदिग्ध हालात में अपहरण हो गया। पुलिस पूरे मामले को अपहरण से जोड़कर देख रही है। नोएडा के जेवर निवासी राजकुमार अग्रवाल केएल कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं।
कंपनी का मुख्यालय अलीगढ़ में है। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के बीकापुर में 248 करोड़ रुपये से विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हो रहा है। शासन से निर्माण कराने के लिए पावरट्रेक कंपनी को ठेका दिया गया है। पावर ट्रेक कंपनी ने के एल कंस्ट्रक्शन कंपनी अलीगढ़ को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
बीती 31 अगस्त को के एल कंस्ट्रक्शन कंपनी अलीगढ़ के मालिक राजकुमार अग्रवाल अपने पुत्र मयंक अग्रवाल (23) के साथ निर्माण कार्यों का जायजा लेने आए थे। सोमवार को राजकुमार अग्रवाल वापस लौट गए थे जबकि मयंक यहीं रुक गया था।
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वह संडीला रोड पर किराए के मकान में रहता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार सुबह लगभग छह बजे मयंक अग्रवाल मजदूरों की हाजिरी लगाने के लिए साइट पर आए थे। इसके बाद इटिया देवी मंदिर के निकट चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने चले गए।
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कंपनी का मुख्यालय अलीगढ़ में है। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के बीकापुर में 248 करोड़ रुपये से विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हो रहा है। शासन से निर्माण कराने के लिए पावरट्रेक कंपनी को ठेका दिया गया है। पावर ट्रेक कंपनी ने के एल कंस्ट्रक्शन कंपनी अलीगढ़ को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
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बीती 31 अगस्त को के एल कंस्ट्रक्शन कंपनी अलीगढ़ के मालिक राजकुमार अग्रवाल अपने पुत्र मयंक अग्रवाल (23) के साथ निर्माण कार्यों का जायजा लेने आए थे। सोमवार को राजकुमार अग्रवाल वापस लौट गए थे जबकि मयंक यहीं रुक गया था।
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वह संडीला रोड पर किराए के मकान में रहता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार सुबह लगभग छह बजे मयंक अग्रवाल मजदूरों की हाजिरी लगाने के लिए साइट पर आए थे। इसके बाद इटिया देवी मंदिर के निकट चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने चले गए।
वहीं जेसीबी पर बैठकर निर्माण कार्य की निगरानी करते रहे। इसी दौरान एक सफेद रंग की कार से 5-7 लोग उतर कर पूरे मंदिर परिसर में टहलते रहे। लगभग 10 बजे इनमें से कुछ लोगों ने मयंक अग्रवाल से कहा कि वे लोग मल्लावां कोतवाली से आए हैं और कोतवाली चलना है।
इस पर मयंक उन लोगों के साथ ही उनकी कार में सवार होकर चला गया ।आधे घंटे बाद जब साइट से कर्मचारियों और कंपनी के अवर अभियंता अमित कुमार मिश्रा ने मयंक अग्रवाल को कॉल किया तो घंटी जाती रही लेकिन फोन नहीं उठा।
इस पर अनहोनी की आशंका हुई और पता कराया गया। मल्लावां कोतवाली में मयंक को न बुलाए जाने की जानकारी मिलने पर अफरा-तफरी मच गई। सीओ विशाल यादव मौके पर जांच कर रहे हैं ।पूरे मामले को अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस पर मयंक उन लोगों के साथ ही उनकी कार में सवार होकर चला गया ।आधे घंटे बाद जब साइट से कर्मचारियों और कंपनी के अवर अभियंता अमित कुमार मिश्रा ने मयंक अग्रवाल को कॉल किया तो घंटी जाती रही लेकिन फोन नहीं उठा।
इस पर अनहोनी की आशंका हुई और पता कराया गया। मल्लावां कोतवाली में मयंक को न बुलाए जाने की जानकारी मिलने पर अफरा-तफरी मच गई। सीओ विशाल यादव मौके पर जांच कर रहे हैं ।पूरे मामले को अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा है।