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जजों को धमकी देने वाला मुंशी गिरफ्तार
अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 02:06 AM IST
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जिला जज और अपर जिला जज को धमकी भरा पत्र भेजने वाला शातिर दिमाग कचहरी का मुंशी राजकुमार आखिरकार मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि आरोपी ने विजय और सतीश को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा था। तीनों की सीडीआर खंगाली। इसके बाद राजकुमार का खेल खुल गया।
मंगलवार को कोतवाली पुलिस के हाथ लगा बाबूपुरवा निवासी राजकुमार हमीरपुर कचहरी में मुंशी है। घाटमपुर निवासी विजय ने राजकुमार को हैंडपंप लगवाने के नाम पर एक हजार रुपये एडवांस दिए थे। काम नहीं होने पर विजय ने शेष चार हजार रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद वह विजय से खुन्नस रखने लगा।
इसी तरह उसने सुरेश के चाचा की जमीन से कब्जा हटवाने के नाम पर तीन हजार रुपये मांगे थे। काम होने के बाद राजकुमार को एक हजार रुपये ही दिए गए। इस लिए दोनों को फंसाने के लिए उसने जिला और अपर जिला जज के पास धमकी भरा एक रजिस्टर्ड पत्र भेजा।
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इस लेटर में उसने मोबाइल नंबर विजय और पता ट्रांसपोर्ट नगर में काम करने वाले मजदूर सतीश का दिया। 9 फरवरी को मिले पत्र में दस लाख रुपये न देने पर बम से उड़ाने की धमकी का जिक्र होने से सक्रिय पुलिस ने तीनों की सीडीआर खंगालनी शुरू की।
राजकुमार की विजय और सतीश से बातचीत के आधार पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी रही। पुलिस ने राजकुमार को दबोच कर पत्र से हैंडराइटिंग मिलाई। इसके बाद मुंशी का खेल खुल गया। उधर पुलिस को स्कूल उड़ाने और लावारिस साइकिल पर संदिग्ध पैकेट रखने वाली की तलाश है।
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मंगलवार को कोतवाली पुलिस के हाथ लगा बाबूपुरवा निवासी राजकुमार हमीरपुर कचहरी में मुंशी है। घाटमपुर निवासी विजय ने राजकुमार को हैंडपंप लगवाने के नाम पर एक हजार रुपये एडवांस दिए थे। काम नहीं होने पर विजय ने शेष चार हजार रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद वह विजय से खुन्नस रखने लगा।
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इसी तरह उसने सुरेश के चाचा की जमीन से कब्जा हटवाने के नाम पर तीन हजार रुपये मांगे थे। काम होने के बाद राजकुमार को एक हजार रुपये ही दिए गए। इस लिए दोनों को फंसाने के लिए उसने जिला और अपर जिला जज के पास धमकी भरा एक रजिस्टर्ड पत्र भेजा।
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इस लेटर में उसने मोबाइल नंबर विजय और पता ट्रांसपोर्ट नगर में काम करने वाले मजदूर सतीश का दिया। 9 फरवरी को मिले पत्र में दस लाख रुपये न देने पर बम से उड़ाने की धमकी का जिक्र होने से सक्रिय पुलिस ने तीनों की सीडीआर खंगालनी शुरू की।
राजकुमार की विजय और सतीश से बातचीत के आधार पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी रही। पुलिस ने राजकुमार को दबोच कर पत्र से हैंडराइटिंग मिलाई। इसके बाद मुंशी का खेल खुल गया। उधर पुलिस को स्कूल उड़ाने और लावारिस साइकिल पर संदिग्ध पैकेट रखने वाली की तलाश है।