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तीन महीने से मासूम बच्ची के साथ मां-बाप कर रहे थे जानवरों जैसा बर्ताव

Tue, 31 Jan 2017 12:17 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 31 Jan 2017 12:17 AM IST
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Innocent baby treated like animal
डेमो पिक
दिल्ली के एमबी रोड पर बने जंगल में अपनी तीन महीने की मासूम बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता ने जो खुलासा किया है उससे हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आरोपी माता-पिता पिछले तीन महीने से बच्ची के साथ जानवरों जैसा व्यवहार कर रहे थे। दोनों कभी उसे पीटते थे तो कभी घर से बाहर सर्दी में रख देते थे। एक बार तो बच्ची पूरी रात सर्दी में पड़ी रही। ये बच्ची को जिंदा नहीं चाहते थे और खुद मारना नहीं चाहते थे। ऐसे में उसे मरने के लिए जंगल में छोड़ दिया। पुलिस वालों ने इस बच्ची को दक्षिणा नाम दिया है।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोबिना खातून (22) का पहला पति उसे छोड़कर नेपाल चला गया था। मोबिना की पहले पति राजू से चार महीने की बच्ची है। उसने संगम विहार में रह रहे व मूलरूप से गांव पवाना जिला फर्रुखाबाद यूपी निवासी इरशाद अली (33) से करीब तीन महीने निकाह किया था।
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इरशाद की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। उसे पहली पत्नी से चार बच्चे हैं। शादी के बाद से ही मोबिना व इरशाद ने बच्ची को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया था। इरशाद ने बृहस्पतिवार शाम को मोमिना से कहा कि इस तरह पिटाई करने से उनके घर में बच्ची मर गई तो उन्हें जेल हो जाएगी। इसके बाद इन्होंने बच्ची को घर से बाहर छोड़ने का फैसला किया। 
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शुक्रवार सुबह बच्ची को लेकर घर निकले और शाम तक जंगल ढूंढते रहे। शाम के समय इन्होंने बच्ची को एमबी रोड पर हनुमान मंदिर के पास स्थित जंगल में छोड़ दिया। जब ये बच्ची को छोड़कर जा रहे थे उसी समय एक युवक ने ये सब देख लिया था। युवक ने इसकी सूचना मंदिर के पुजारी को दे दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इरशाद अपने बच्चों से तो प्यार करता था मगर बच्ची के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करता था।
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