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ड्राइवर-क्लीनर को मौत के घाट उतारा, 70 लाख का माल लूटा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:03 AM IST
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चालक सुभाष रावत और क्लीनर गिरजाशंकर की फाइल फोटो, रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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आठ दिन पहले राजस्थान से 70 लाख का माल लादकर असम जा रहे ट्रक चालक व क्लीनर की बिहार में लूट के बाद हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद लुटरे ट्रक लेकर भाग निकले। घटनास्थल से करीब 150 किमी दूर ट्रक खाली खड़ा मिला। दोनों पुरवा कोतवाली के रहने वाले थे। फोन से संपर्क न होने पर ट्रक चालक का भाई और ट्रांसपोर्ट मालिक खोजते हुए बिहार पहुंचे तब लूट और हत्या की जानकारी हुई। बुधवार सुबह दोनों के शव गांव पहुंचे।
उन्नाव पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव मनिकापुर निवासी सुभाष रावत (45) ट्रक चालक था। उसके साथ रायपुर निवासी गिरजाशंकर (40) क्लीनर था। दो जनवरी को दोनों जयपुर से ट्रक में मूंगफली दाना, कपड़ा व लोहे का सामान लेकर असम के लिए निकले थे। गुरुवार रात तक सुभाष की परिजनों से फोन पर बात हुई लेकिन इसके बाद से संपर्क नहीं हुआ। शुक्रवार को जब सुभाष के मोबाइल पर परिजनों ने फोन मिलाया तो किसी अनजान व्यक्ति ने फोन रिसीव किया और सुभाष के एटीएम में जाने की बात कही। फोन वापस न आने पर जब दो घंटे बाद दोबारा फोन मिलाया गया तो बताया गाड़ी बार्डर पार कर रही है। उसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। मोबाइल न ऑन होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। चौबीस घंटे तक संपर्क नहीं हो पाया तो सुभाष के भाई विनोद ने राजस्थान के भरतपुर स्थित माता ट्रांसपोर्ट के मालिक रणवीर को जानकारी दी। ट्रक मालिक ने विनोद को भरतपुर बुलाया। दोनों सुभाष व गिरजाशंकर को खोजने निकले। विनोद ने आसपास के थानों में संपर्क किया तो गाड़ी बार्डर पार होने की जानकारी मिली। शनिवार को खाली ट्रक छपरा जिले के रिफिलगंज थानाक्षेत्र माझीगढ़ में खड़ा मिला। पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि मुजफ्फपुर जिले के तमकुई थाना क्षेत्र में तमकुई-मोतीपुर मार्ग पर सात जनवरी को एक गन्ने के खेत में दो युवकों के शव मिले थे। पहचान न होने से दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था। इसके बाद दोनों पुलिस के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शवों की पहचान की।
आठ दिन पहले घर पर रुका था सुभाष
जयपुर से असम जाते समय सुभाष 3 जनवरी की शाम ट्रक लेकर अपने गांव मनिकापुर आया था। नोट बंदी के चलते नगदी और रास्ते का खर्चा न होने से उसने ट्रांसपोर्टर रणवीर से संपर्क किया तो उन्होंने रुपया बैंक खाते में डालने की बात कही। 4 जनवरी को खाते में रुपया आने के बाद वह पास के गांव रायपुर निवासी गिरजाशंकर को भी साथ ले गया था। गिरजाशंकर अक्सर ट्रकों पर बतौर क्लीनर काम करता था। ।
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उन्नाव पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव मनिकापुर निवासी सुभाष रावत (45) ट्रक चालक था। उसके साथ रायपुर निवासी गिरजाशंकर (40) क्लीनर था। दो जनवरी को दोनों जयपुर से ट्रक में मूंगफली दाना, कपड़ा व लोहे का सामान लेकर असम के लिए निकले थे। गुरुवार रात तक सुभाष की परिजनों से फोन पर बात हुई लेकिन इसके बाद से संपर्क नहीं हुआ। शुक्रवार को जब सुभाष के मोबाइल पर परिजनों ने फोन मिलाया तो किसी अनजान व्यक्ति ने फोन रिसीव किया और सुभाष के एटीएम में जाने की बात कही। फोन वापस न आने पर जब दो घंटे बाद दोबारा फोन मिलाया गया तो बताया गाड़ी बार्डर पार कर रही है। उसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। मोबाइल न ऑन होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। चौबीस घंटे तक संपर्क नहीं हो पाया तो सुभाष के भाई विनोद ने राजस्थान के भरतपुर स्थित माता ट्रांसपोर्ट के मालिक रणवीर को जानकारी दी। ट्रक मालिक ने विनोद को भरतपुर बुलाया। दोनों सुभाष व गिरजाशंकर को खोजने निकले। विनोद ने आसपास के थानों में संपर्क किया तो गाड़ी बार्डर पार होने की जानकारी मिली। शनिवार को खाली ट्रक छपरा जिले के रिफिलगंज थानाक्षेत्र माझीगढ़ में खड़ा मिला। पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि मुजफ्फपुर जिले के तमकुई थाना क्षेत्र में तमकुई-मोतीपुर मार्ग पर सात जनवरी को एक गन्ने के खेत में दो युवकों के शव मिले थे। पहचान न होने से दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था। इसके बाद दोनों पुलिस के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शवों की पहचान की।
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आठ दिन पहले घर पर रुका था सुभाष
जयपुर से असम जाते समय सुभाष 3 जनवरी की शाम ट्रक लेकर अपने गांव मनिकापुर आया था। नोट बंदी के चलते नगदी और रास्ते का खर्चा न होने से उसने ट्रांसपोर्टर रणवीर से संपर्क किया तो उन्होंने रुपया बैंक खाते में डालने की बात कही। 4 जनवरी को खाते में रुपया आने के बाद वह पास के गांव रायपुर निवासी गिरजाशंकर को भी साथ ले गया था। गिरजाशंकर अक्सर ट्रकों पर बतौर क्लीनर काम करता था। ।
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