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यहां हुआ भयंकर उपद्रव, करनी पड़ी पुलिस व पीएसी तैनात
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:13 AM IST
सार
उपद्रव के बाद पुलिस व पीएसी तैनात
लहुरीमऊ गांव में चप्पे-चप्पे पर नजर
पुलिस से हुए संघर्ष के बाद भी किसानों के तेवर तीखे
किसानों ने प्लांट की मशीनों को कब्जे में लेकर रुकवाया काम
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विस्तार
सजेती थानाक्षेत्र के लहुरीमऊ गांव रविवार को किसानों के उपद्रव के बाद सोमवार को दुर्गा मंदिर मोड़ से लहुरीमऊ गांव को जाने वाले मार्ग पर कानपुर नगर के एएसपी राजेश कुमार, घाटमपुर एसडीएम सुखवीर सिंह यादव, तहसीलदार संजीव कुमार शाक्या, घाटमपुर, शिवराजपुर व बिधनू पुलिस के अलावा दो ट्रक पीएसी के जवान मुस्तैद नजर आए। पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखी।
उधर, किसानों ने प्लांट की मशीनों को कब्जे में ले लिया है। किसान नेता निरंजन सिंह राजपूत ने कहा कि मुआवजा न मिलने पर उन्होंने प्लांट का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। प्लांट के कार्यालय के पास में सभी मशीनों को अपने कब्जे में लेकर खड़ा करा दिया है। बताया कि यह मशीनें बीते 21 नवंबर से खड़ी हैं। कहा कि इसके साथ ही किसानों ने जमीनों को जोत लिया भी लिया है।
नेवेली कंपनी द्वारा केंद्र सरकार के उपक्रम पावर प्लांट का निर्माण करा रही है। प्लांट के लिए क्षेत्र के करीब आठ गांवों की जमीनों को अधिग्रहण किया गया है। किसान अपनी जमीन का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। इसे लेकर 21 नवंबर से धरने पर बैठे किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए हमीरपुर जिले के भाकियू जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत व महिला शाखा जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत ने लहुरीमऊ गांव में डेरा जमाया है। यही नेता किसानों को जीत का भरोसा दे रहे हैं। बीते 15 दिसंबर को इन किसानों ने मुख्यमंत्री की जनसभा में हंगामा किया। रविवार को दो जिलों की पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए पहुंची तो पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष हुआ तो पुलिस कर्मी घायल हो गए। इस घटना में भटपुरा गांव निवासी किसान सीपेंद्र के सिर में पुलिस का डंडा लगने से वह भी घायल हुआ है। किसानों के उपद्रव से पुलिस बिना आरोपियों को पकड़े बैंरंग लौट आई। वहीं, धरनास्थल पर मौजूद किसानों व ग्रामीणों के खाने पीने की पूरी व्यवस्था है। तीन चार लोग सुबह शाम खाना बनाने का कार्य करते हैं।
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क्राइम ब्रांच प्रभारी कानपुर रेफर
रविवार को लहुरीमऊ गांव में किसानों व पुलिस के बीच हुए संघर्ष में घायल पुलिस कर्मियों का रविवार की देर रात चित्रकूटधाम मंडल बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने जिला अस्पताल पहुंच उनका हाल जाना। उपचार के बाद सभी कर्मियाें को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं, क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव की हालत में सुधार न होने पर उन्हें कानपुर रेफर किया गया है। हमले में सजेती एसओ आद्धा प्रसाद वर्मा, कोतवाल प्रमेंद्र कुमार सिंह हमीरपुर क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव के अलावा सात सिपाही घायल हुए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल कर्मियों के हालत में सुधार होने पर देर रात में ही सभी की छुट्टी कर दी गई। वहीं गंभीर रूप से घायल क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव को उनकी स्वेच्छा से कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
ईंट का जवाब पत्थर से देंगे
लहुरीमऊ गांव के एक छोर में बस्ती है तो दूसरी ओर एक धर्मशाला है। यही से कुछ दूर मस्जिद है। मस्जिद से कुछ दूरी पर नेवेली कंपनी का कार्यालय बना है। जहां से इंजीनियर बगैरह निर्माण कार्य की समीक्षा व आकंलन करते हैं। इसी कार्यालय के पास में सुरक्षा के लिए एक कंपनी पीएसी के जवान हैं जो अस्थाई चौकी बनाकर रहे हैं। धर्मशाला में ही बीते 21 नवंबर से धरने की अगुवाई कर रहे भाकियू निरंजन सिंह राजपूत ने दो टूक कहा कि वह अब किसी भी कीमत पर घुटने नहीं टेकेंगे। कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं व मुकदमे वापस नहीं किए जाते वह ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान क्यों न गवांनी पड़े। भाकियू नेता माइक से ललकारते रहे।
धरना स्थल पर जारी है भजन कीर्तन
धरनास्थल पर संबोधन के बीच बीच में कीर्तन मंडली का भी कार्यक्रम आयोजन जारी है। यहां माहौल देख ऐसा नहीं लगा कि रविवार को यहां कोई संघर्ष हुआ भी है। बच्चा हो बूढ़ा सभी किसान नेता का सहयोग करते नजर आए।
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उधर, किसानों ने प्लांट की मशीनों को कब्जे में ले लिया है। किसान नेता निरंजन सिंह राजपूत ने कहा कि मुआवजा न मिलने पर उन्होंने प्लांट का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। प्लांट के कार्यालय के पास में सभी मशीनों को अपने कब्जे में लेकर खड़ा करा दिया है। बताया कि यह मशीनें बीते 21 नवंबर से खड़ी हैं। कहा कि इसके साथ ही किसानों ने जमीनों को जोत लिया भी लिया है।
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नेवेली कंपनी द्वारा केंद्र सरकार के उपक्रम पावर प्लांट का निर्माण करा रही है। प्लांट के लिए क्षेत्र के करीब आठ गांवों की जमीनों को अधिग्रहण किया गया है। किसान अपनी जमीन का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। इसे लेकर 21 नवंबर से धरने पर बैठे किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए हमीरपुर जिले के भाकियू जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत व महिला शाखा जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत ने लहुरीमऊ गांव में डेरा जमाया है। यही नेता किसानों को जीत का भरोसा दे रहे हैं। बीते 15 दिसंबर को इन किसानों ने मुख्यमंत्री की जनसभा में हंगामा किया। रविवार को दो जिलों की पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए पहुंची तो पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष हुआ तो पुलिस कर्मी घायल हो गए। इस घटना में भटपुरा गांव निवासी किसान सीपेंद्र के सिर में पुलिस का डंडा लगने से वह भी घायल हुआ है। किसानों के उपद्रव से पुलिस बिना आरोपियों को पकड़े बैंरंग लौट आई। वहीं, धरनास्थल पर मौजूद किसानों व ग्रामीणों के खाने पीने की पूरी व्यवस्था है। तीन चार लोग सुबह शाम खाना बनाने का कार्य करते हैं।
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क्राइम ब्रांच प्रभारी कानपुर रेफर
रविवार को लहुरीमऊ गांव में किसानों व पुलिस के बीच हुए संघर्ष में घायल पुलिस कर्मियों का रविवार की देर रात चित्रकूटधाम मंडल बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने जिला अस्पताल पहुंच उनका हाल जाना। उपचार के बाद सभी कर्मियाें को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं, क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव की हालत में सुधार न होने पर उन्हें कानपुर रेफर किया गया है। हमले में सजेती एसओ आद्धा प्रसाद वर्मा, कोतवाल प्रमेंद्र कुमार सिंह हमीरपुर क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव के अलावा सात सिपाही घायल हुए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल कर्मियों के हालत में सुधार होने पर देर रात में ही सभी की छुट्टी कर दी गई। वहीं गंभीर रूप से घायल क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय यादव को उनकी स्वेच्छा से कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
ईंट का जवाब पत्थर से देंगे
लहुरीमऊ गांव के एक छोर में बस्ती है तो दूसरी ओर एक धर्मशाला है। यही से कुछ दूर मस्जिद है। मस्जिद से कुछ दूरी पर नेवेली कंपनी का कार्यालय बना है। जहां से इंजीनियर बगैरह निर्माण कार्य की समीक्षा व आकंलन करते हैं। इसी कार्यालय के पास में सुरक्षा के लिए एक कंपनी पीएसी के जवान हैं जो अस्थाई चौकी बनाकर रहे हैं। धर्मशाला में ही बीते 21 नवंबर से धरने की अगुवाई कर रहे भाकियू निरंजन सिंह राजपूत ने दो टूक कहा कि वह अब किसी भी कीमत पर घुटने नहीं टेकेंगे। कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं व मुकदमे वापस नहीं किए जाते वह ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान क्यों न गवांनी पड़े। भाकियू नेता माइक से ललकारते रहे।
धरना स्थल पर जारी है भजन कीर्तन
धरनास्थल पर संबोधन के बीच बीच में कीर्तन मंडली का भी कार्यक्रम आयोजन जारी है। यहां माहौल देख ऐसा नहीं लगा कि रविवार को यहां कोई संघर्ष हुआ भी है। बच्चा हो बूढ़ा सभी किसान नेता का सहयोग करते नजर आए।