फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   daughter acquitted of murder charges her mother

मां की हत्या के आरोप से बरी,जिंदगी मुश्किलों भरी

Wed, 14 Sep 2016 08:39 PM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 14 Sep 2016 08:39 PM IST
विज्ञापन
daughter acquitted of murder charges her mother
कविता की जेल से रिहा होने के बाद की तस्वीर - फोटो : कानपुर,अमर उजाला
मां की हत्या के आरोप से बरी कविता की जिंदगी मुश्किलों से भरी है। खोई हुए नौकरी,पहचान और समाज में सम्मान फिर से पाना है। जेल से बाहर आते ही कविता को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। करीब चार साल बंद रहने के कारण घर खंडहर हो चुका था। चार सफाईकर्मी घर की सफाई में लगे थे। बिजली का कनेक्शन कट चुका था,पानी की मोटर चोरी हो चुकी थी।
विज्ञापन


उसे पड़ोस में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर नहाने जाना पड़ा। जिसके बाद पास में रहने वाले अपनी बहन के ससुर राजेंद्र पाल सिंह को बुलाया और घर की साफ-सफाई करवाने को कह कहीं चली गई। कविता को सबसे पहले चकेरी थाने में चोरी की शिकायत करने जाना पड़ा। घर से उसकी पासबुक,मार्कशीट,पैन कार्ड,राशन कार्ड समेत तमाम कागजात और जरूरी सामान चोरी हो गए थे।
विज्ञापन


चकेरी थाने के दिवस प्रभारी सुभद्रा वर्मा  ने बताया 'कविता की ओर से चोरी की मौखिक शिकायत मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन



 

कविता घर मिला खाली

daughter acquitted of murder charges her mother
कविता के घर की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
बेटा-बहू खो चुका हूं,कुछ बोलना नहीं चाहता
कविता तो घर में नहीं मिली। घर में मौजूद उसकी बहन शिल्पी के ससुर राजेंद्र पाल सिंह ने बताया उस घटना के पीड़ित वह भी हैं। घटना के बाद वह भी अपने बेटे-बहू को खो चुके हैं। उनके मुताबिक 7 सितंबर 2012 उनकी समधन रीता के साथ हुई दुर्घटना हुई जिसके बाद 11 सितंबर को उनकी मौत हो गई। जिसके बाद कविता जेल चली गई। राजेंद्रपाल के मुताबिक मां की मौत और बहन के जेल जाने के चलते उनकी बहू शिल्पी (कविता की बहन) बहुत तनाव में रहती थी। जिसकी वजह से उसने 21 सितंबर 2012 को ट्रेन से कटकर जान दे दी। पत्नी की मौत के बाद उनका बेटा एयरफोर्स का जूनियर वारंट अफसर राजेश सिंह बहुत परेशान था। अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई और कविता की यथासंभव पैरवी में व्यस्त रहता था। राजेश के खिलाफ कविता को फंसाने की शिकायत एयरचीफ तक की गई। पिता के मुताबिक तमाम वजहों से राजेश तनाव में था। 13 नवंबर 2014 को उसकी भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

प्रापर्टी का विवाद हो सकता है
राजेंद्रपाल के मुताबिक कविता के पिता शीलेंद्र सिंह कुशवाहा मूल रूप से जालौन ले रहने वाले थे और एचएएल में डिप्टी मैनेजर से रिटायर हुए थे। गांव की जमीन बेचने पर और रिटायरमेंट पर बड़ी रकम मिली थी। कृष्णानगर में जिस मकान में उनका परिवार रहता था उसकी भी अच्छी कीमत है। 7 सितंबर को घायल रीता सबसे पहले पास में रहने वाले एक व्यक्ति के घर गईं थीं। उसने ही रीता को अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि उस समय कविता ने उस व्यक्ति को 75 हजार रुपये रीता के इलाज को दिए थे। जिसका कोई हिसाब नहीं मिला। रीता की मौत और कविता के जेल जाने के बाद उस व्यक्ति का ही घर पर कब्जा था।
 

कविता के घर से गायब सारा जरूरी सामान

daughter acquitted of murder charges her mother
कविता का खंडहर बना घर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
पूर्व आईजी ने घर में डलवाया पुलिस का ताला
घर में कब्जे की शिकायत तत्कालीन आईजी आशुतोष पांडे से की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति का ताला हटवा कर पुलिस का ताला लगवाया। फिलहाल घर और प्रापर्टी की मालिक कविता और शिल्पी के पुत्र अविनाश और शुभम हैं।

12 लाख के किसान विकास पत्र भुनाये गए
राजेंद्रपाल ने बताया जिस दौरान मोहल्ले के उस व्यक्ति का घर पर कब्जा था। उसी दौरान घर से 12 लाख के किसान विकास पत्र गायब हुए और भुना लिए गए। जिसकी शिकायत उनके पुत्र राजेश ने पुलिस से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जेल की मित्र मिलने आई
अखबार से कविता की रिहाई की जानकारी पर जेल में उसके साथ बंद बर्रा निवासी सुनीता उससे मिलने पहुंची। सुनीता ने बताया जेल में बंद रहने के दौरान उसकी कविता से दोस्ती हुई थी। कविता ने ही उसे अपने घर का पता दिया था। सुनीता ने बताया कविता एचएएल में नौकरी करती थी। जेल में कविता किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी। कुछ दिन तक तो उसके जीजा उससे मिलने जेल आए फिर उन्होनें भी आना बंद कर दिया। सुनीता के मुताबिक कविता का कहना था कि वह जमानत पर बाहर नहीं जाएगी,बरी होने के बाद ही जेल से बाहर आएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed