‘योगी सरकार’ को ट्रेन डकैतों का खुला चैलेन्ज, वीडियो देखकर भी कोई पहचानने को तैयार नहीं
चलती ट्रेन में मासूम बच्चों को पैर से दबाकर, महिलाओं के साथ छेड़छाड़-मारपीट और जेवर लूटने वाले डकैतों का अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है। डकैती के दौरान बनाया गया वीडियो पुलिस के लिए बड़ा हथियार जरूर बना लेकिन अभी तक किसी भी बदमाश की पहचान नहीं हो पाई है। इससे साफतौर पर यही माना जा रहा है कि अपराधियों पर कानून का बिल्कुल भी खौफ नहीं है।
फर्रुखाबाद में शिकोहाबाद-कासगंज पैसेंजर ट्रेन में हुई डकैती का मामला आज यूपी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई है और न ही वीडियो देखने वालों ने किसी बदमाश की पहचान की है। इस ट्रेन डकैती कांड में घायल हुई महिलाओं और बच्चों को का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
एक ही परिवार के लोगों के साथ मारपीट
गुरुवार को एक ही परिवार के लोगों के साथ हुई मारपीट और लूट के मामले में जीआरपी ने निल पर छह अज्ञात लोगों के खिलाफ डकैती की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में विवेचना मैनपुरी जीआरपी करेगी। डीएम और एसपी ने लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना के बारे में जानकारी ली। कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला गढ़ी नूर खां निवासी शाकिर खां और शहर के मोहल्ला तलैया साहाबजादखान निवासी भाई आरिफ अपने-अपने परिवार के साथ मामा इब्राहिम की बेटी की शादी में शामिल होकर बुधवार की रात शिकोहाबाद-कासगंज पैसेंजर ट्रेन से लौट रहे थे। रास्ते में नीबकरोरी स्टेशन पर कई युवक ट्रेन में चढ़ गए। युवकों ने शाकिर और उनके भाई के परिवार की महिलाओं से छेड़खानी की।
चेन पुलिंग कर फरार हो गए
विरोध करने पर उन लोगों ने चलती ट्रेन में परिवार के सभी सदस्यों के साथ मारपीट की। बाद में ट्रेन पर पथराव किया गया। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं और युवतियों से नगदी, जेवर और मोबाइल लूट कर युवक चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक फरार हो गए। घटना की सूचना पर फर्रुखाबाद जीआरपी ने घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसपी दयानंद मिश्र, एएसपी त्रिभुवन सिंह अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद डॉक्टर ब्रजेश से इलाज के बारे में जानकारी करने के साथ ही घायलों से घटना के बारे में पूछताछ की।
वीडियो क्लिप से भी कोई पहचान नहीं
जीआरपी ने ट्रेन में हुई मारपीट के मामले में बनाई गई वीडियो क्लिप को अपना हथियार बनाया है। हमलावरों तक पहुंचने के लिए जीआरपी एसओ ने वीडियो क्लिप देखी। मैनपुरी जीआरपी को भी यह क्लिप उपलब्ध कराई गई है। इसमें मारपीट करने वाले युवकों के चेहरे और बाइक के नंबर दिख रहे हैं लेकिन अभी तक किसी की भी पहचान नहीं हो पाई है।