{"_id":"58861dff4f1c1b403fcf3f0e","slug":"china-share-in-make-in-india","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"...तो अब ‘मेक इन इंडिया’ में होगी चीन की हिस्सेदारी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
...तो अब ‘मेक इन इंडिया’ में होगी चीन की हिस्सेदारी
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 24 Jan 2017 09:36 AM IST
सार
- यूपी में 50,000 हजार करोड़ रुपये निवेश करेगा चीन
- उत्पादों के बहिष्कार के बाद भारत में ही उत्पादन, निर्माण की तैयारी
- प्रोजेक्ट के लिए केंद्र व राज्य सरकार से कई स्तर की वार्ता सफल
- फंड जुटाने के लिए दुबई की बैंकिंग कंपनी ‘इलीसियम’ को सौंपी जिम्मेदारी
- ‘इलीसियम’ के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट आए कानपुर
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीपावली पर चीन में बने पटाखों के बहिष्कार के बाद चीन ने भारत में व्यापार और व्यवसाय की रणनीति में बदलाव किया है। चीन अब ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही उत्पादन और निर्माण शुरू करेगा। यहां विभिन्न तरह के प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश को प्रमुखता दी गई है। चीन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 50,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। इसके लिए दुबई की बैंकिंग कंपनी इलीसियम कैपिटल पार्टनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले समय में कानपुर और बनारस के लिए कुछ प्रोजेक्टों की घोषणा हो सकती है।
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
भारत में स्मार्ट सिटी, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं व्यापक पैमाने पर शुरू होने वाली हैं। इनमें निवेश की भारी गुंजाइश है। चीन यहां टेक्नोलॉजी, मीडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निवेश करना चाहता है। इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कॉरपोरेट एडवाइजर उपमन्यु मिश्रा, इलीसियम के चेयरमैन रिक पुडनर व चीन सरकार के अधिकारी बीते चार माह में केंद्र और राज्य सरकार के एक दर्जन से अधिक विभागों के मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं। हर स्तर की मीटिंग सकारात्मक रही है। सोमवार को भी लखनऊ में राज्य सरकार के एक मंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की मीटिंग हुई। माना जा रहा है अप्रैल तक प्रदेश में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा हो सकती है। चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का यह पहला आधिकारिक मौका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
demo
यूपी में ही निवेश क्यों
चीन भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों और उनके मिजाज को ध्यान में रखकर उत्पादन व निर्माण करना चाहता है। चीन की नई रणनीति भारत में निवेश करके व्यवसायिक लाभ कमाने की है। इसके लिए जरूरी है कि भारतीयों के मन में उतरा जाए और उनका दिल जीता जाए। यह तभी संभव है जब उत्पादन भारत के लिए, भारत में ही और भारतीय लोग ही करें ताकि उनके उत्पादों का चीनी कहकर बहिष्कार न किया जा सके। यूपी इसके लिए बड़ा बाजार है। यहां निवेश की संभावनाएं अन्य राज्यों से अधिक हैं।
चीन भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों और उनके मिजाज को ध्यान में रखकर उत्पादन व निर्माण करना चाहता है। चीन की नई रणनीति भारत में निवेश करके व्यवसायिक लाभ कमाने की है। इसके लिए जरूरी है कि भारतीयों के मन में उतरा जाए और उनका दिल जीता जाए। यह तभी संभव है जब उत्पादन भारत के लिए, भारत में ही और भारतीय लोग ही करें ताकि उनके उत्पादों का चीनी कहकर बहिष्कार न किया जा सके। यूपी इसके लिए बड़ा बाजार है। यहां निवेश की संभावनाएं अन्य राज्यों से अधिक हैं।