फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Child deaths in private hospitals, doctors assault

निजी अस्पताल में बच्चे की मौत, डाक्टरों से मारपीट

Thu, 22 Oct 2015 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Thu, 22 Oct 2015 02:03 AM IST
विज्ञापन
Child deaths in private hospitals, doctors assault
भार्गव हॉस्पिटल सिविल लाइंस में बुधवार दोपहर बाद 3.30 बजे पान दरीबा लाटूश रोड निवासी तनष्क सोनकर (12) की मौत के बाद बवाल हो गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया तो अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी भाग निकले।
विज्ञापन


आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी, सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया और अन्य सदस्य हॉस्पिटल पहुंचे तो भीड़ ने बंधक बना लिया। लोगों ने डॉ. आरएन पांडेय के साथ मारपीट की और आईएमए पदाधिकारियों से भी धक्का-मुक्की की। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की। विधायक सलिल विश्नोई के पहुंचने के बाद पुलिस ने डॉक्टरों को मुक्त कराया और प्राइवेट एंबुलेंस से सुरक्षित स्थान पर भेजा। इधर, अस्पताल से डॉक्टरों के भाग जाने के बाद मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया।
विज्ञापन


फल कारोबारी सुनील सोनकर का बेटा तनष्क शीलिंग हाउस स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। बुधवार को तनष्क के पेट में दर्द हुआ तो परिजन उसे लेकर भार्गव हॉस्पिटल पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात विशाल नाम के एक युवक ने खुद को डॉक्टर बताया और इंजेक्शन लगाने की बात कहते हुए आठ हजार रुपये जमा करा लिए। वे लोग डॉक्टर को बुलाने को कहते रहे लेकिन कर्मचारी ने मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन मंगाकर खुद ही लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंजेक्शन लगते ही तनष्क की हालत बिगड़ गई। मां मधु की शिकायत पर तनष्क को आईसीयू में ले जाने को कह दिया। आईसीयू में तनष्क को भर्ती करने के बाद परिजनों से 20 हजार रुपये जमा करने को कहा। थोड़ी देर बाद आए एक डॉक्टर ने बताया कि तनष्क की मौत हो चुकी है।

यह सुनते ही परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। आईएमए पदाधिकारी पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया। रात आठ बजे विधायक सलिल विश्नोई पहुंचे तो भीड़ ने पदाधिकारियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। विधायक भीड़ और डॉ. आरती लाल चंदानी व डॉ. अर्चना भदौरिया के बीच में खड़े हो गए।


वे दोनों को लेकर कचहरी की ओर बढ़ गए। रास्ते में खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस से डॉ. चंदानी, डॉ. भदौरिया, डॉ. आरएन पांडेय, डॉ. विकास मिश्रा और डॉ. गौरव दुबे को बैठाकर भिजवाया। उधर, ‘अमर उजाला’ ने भार्गव हॉस्पिटल के डॉक्टरों को फोन किया लेकिन काल रिसीव नहीं की। इलाज के लिए उर्सला के डाक्टर बुलाए

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed