आने जाने वाले वाले हर व्यक्ति पर सुरक्षा कर्मियों की तीखी नजरें। कार्यालय के एंट्री प्वाइंट से लेकर गलियारे तक में पसरा सन्नाटा। कोई मिल भी जाए तो सवाल करती नजरें। किसी अफसर के बारे में पूछो तो जवाब मिलता कि मीटिंग में बैठे हैं, आज नहीं मिलेंगे।
सर्वोदय नगर स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय (जीएसटी भवन) में सोमवार को दोपहर 12 से तीन बजे तक बजे तक ऐसे ही नजारे देखने को मिले। इस कार्यालय के मुखिया रहे कमिश्नर संसार चंद की गिरफ्तारी के दो दिन बाद सोमवार को पहला कार्यदिवस था। रिश्वतकांड में इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद दफ्तर आने वाले हर अधिकारी में दहशत थी।
कर्मचारी सशंकित थे। उनकी बातचीत में सीबीआई का डर साफ झलका। कई अफसरों ने कार्यालय पहुंचे करदाताओं से भी मुलाकात नहीं की। अफसरों के कमरों के बाहर खड़े सुरक्षा कर्मी मीटिंग में होने की बात कह उन्हें लौटाते रहे। सभी अधिकारी असहज थे। करदाताओं की ओर से चुभते सवाल आने की आशंका में उनसे नहीं मिले।
दोपहर में ज्वाइंट कमिश्नर विवेक कुमार जैन ने अधीनस्थ अफसरों के साथ बैठक कर आगे का कामकाज सुचारु किए जाने पर चर्चा की। एक अफसर बताते हैं कि इस घटना के बाद वे अपने कार्यालय कक्ष में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
अनजाने भय से परेशान हैं कि कहीं किसी और का नाम सामने न आ जाए। एकाध कर्मचारियों ने भी इसी तरह का भय जाहिर किया। कर्मचारियों का कहना है कि कुछ लोगों की वजह से पूरे कार्यालय का स्टाफ बदनाम हो गया।