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एकतरफा प्यार में पागल युवक ने युवती के पिता को अगवा कर मार डाला, ऐसे खुला मामला
Wed, 28 Aug 2019 09:49 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 28 Aug 2019 09:49 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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एकतरफा प्यार में पागल युवक ने चचेरे भाई के साथ मिलकर युवती के पिता को अगवाकर मार डाला। कानपुर शिवराजपुर के जौहरनपुरवा निवासी इस शख्स ने अपनी बेटी की शादी कहीं और तय कर दी थी। इसी वजह से युवक उनसे खुन्नस रखने लगा था। मंगलवार को मृतक का शव भोगनीपुर (कानपुर देहात) में यमुना पुल के पास झाड़ियों में मिला था।
पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड का खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह के मुताबिक जौहरनपुरवा निवासी राम सिंह पाल की बेटी कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में काम करती थी। सुभाष नगर शिवली निवासी संदीप कुशवाहा इसी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था।
वह राम सिंह की बेटी से एक तरफा प्यार करता था। इसके चलते राम सिंह बेटी की नौकरी छुड़वाकर उसे गांव लेकर चले गए और शादी तय कर दी थी। इसका पता चलने पर संदीप ने राम सिंह से झगड़ा भी किया। इसके बाद चचेरे भाई मोनू उर्फ आशीष कुशवाहा के साथ मिलकर राम सिंह की हत्या की साजिश रची।
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पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड का खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह के मुताबिक जौहरनपुरवा निवासी राम सिंह पाल की बेटी कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में काम करती थी। सुभाष नगर शिवली निवासी संदीप कुशवाहा इसी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था।
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वह राम सिंह की बेटी से एक तरफा प्यार करता था। इसके चलते राम सिंह बेटी की नौकरी छुड़वाकर उसे गांव लेकर चले गए और शादी तय कर दी थी। इसका पता चलने पर संदीप ने राम सिंह से झगड़ा भी किया। इसके बाद चचेरे भाई मोनू उर्फ आशीष कुशवाहा के साथ मिलकर राम सिंह की हत्या की साजिश रची।
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17 अगस्त की देर शाम मोनू की मदद से राम सिंह को बुलाया और गांव के पास से ही वैन से अगवा कर ले गए। नशे की गोलियां डालकर राम सिंह को जबरन शराब पिलाई। बेहोश होने पर दोनों ने लाठी-डंडों से पीटकर राम सिंह की हत्या कर दी। शव यमुना पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। मंगलवार को शव मिलने पर परिजनों ने शिनाख्त की थी।
ऐसे हुआ खुलासा
एसपी के मुताबिक राम सिंह के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली गई। इसमें लापता होने के समय पर आशीष का मोबाइल नंबर मिला। वहीं कुछ मिनट पहले इसी नंबर से संदीप से बात होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने संदीप को उठाकर पूछताछ की। उसने पूरी घटना कबूली और फिर आशीष को उठाया गया। आशीष बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र है।
लापता होने के 10 दिन बाद मिला शव
राम सिंह पाल 17 अगस्त को लापता हो गए थे। परिजनों ने दूसरे ही दिन गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस बीच उनका कुछ पता नहीं चलने पर आक्रोशित परिजनों ने 22 अगस्त को सड़क जाम कर थाने का घेराव किया था। लापता होने के करीब 10 दिन बाद राम सिंह का शव मिला।
ऐसे हुआ खुलासा
एसपी के मुताबिक राम सिंह के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली गई। इसमें लापता होने के समय पर आशीष का मोबाइल नंबर मिला। वहीं कुछ मिनट पहले इसी नंबर से संदीप से बात होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने संदीप को उठाकर पूछताछ की। उसने पूरी घटना कबूली और फिर आशीष को उठाया गया। आशीष बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र है।
लापता होने के 10 दिन बाद मिला शव
राम सिंह पाल 17 अगस्त को लापता हो गए थे। परिजनों ने दूसरे ही दिन गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस बीच उनका कुछ पता नहीं चलने पर आक्रोशित परिजनों ने 22 अगस्त को सड़क जाम कर थाने का घेराव किया था। लापता होने के करीब 10 दिन बाद राम सिंह का शव मिला।