फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Crime Record of Mafia Anupam Dubey he entered world of crime 36 years ago

माफिया अनुपम दुबे की क्राइम कुंडली: 36 साल पहले जरायम की दुनिया में आया, मारपीट का था पहला मामला... अब 63 केस

Fri, 08 Dec 2023 09:43 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रुखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रुखाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 08 Dec 2023 09:43 AM IST
सार

फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे ने वर्ष 1987 में घर में घुसकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। इसी वर्ष मिलेट्री चौराहे के पास टीवी दुकानदार सरदार मंजीत सिंह पर फायरिंग कर जरायम की दुनिया में कदम रखा।

विज्ञापन
Crime Record of Mafia Anupam Dubey he entered world of crime 36 years ago
माफिया अनुपम दुबे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया बसपा नेता अनुपम दुबे ने 36 वर्ष पहले जरायम की दुनिया में कदम रखा था। मारपीट की एक घटना के बाद टीवी दुकानदार पर जानलेवा हमले की घटना को अंजाम दिया था। माफिया पर हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर सहित गंभीर धाराओं के 63 मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन

फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे ने वर्ष 1987 में घर में घुसकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। इसी वर्ष मिलेट्री चौराहे के पास टीवी दुकानदार सरदार मंजीत सिंह पर फायरिंग कर जरायम की दुनिया में कदम रखा। माफिया के खिलाफ मैनपुरी, कन्नौज, सीतापुर, कानपुर में हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में 63 मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

14 जुलाई 2021 को इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में जीआरपी कानपुर के द्वारा कुर्की की कार्रवाई किए जाने पर माफिया ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। उसके बाद से माफिया जिला जेल फतेहगढ़, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा जेल में बंद रहा। वर्तमान में अनुपम दुबे मथुरा जिला जेल में बंद है। पुलिस व प्रशासन माफिया व उनके परिजनों की 113 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

विज्ञापन

फरार भाई डब्बन पर है 50 हजार का इनाम
अपरहण व फिरौती के मुकदमे में बसपा नेता का प्रधानाध्यापक भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन फरार है। डब्बन पर आईजी जोन प्रशांत कुमार ने 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। मोहम्मदाबाद ब्लाॅक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन हरदोई जेल में बंद है। दोनों भाइयों पर दो-दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

विकास दुबे की तलाश के दौरान सीतापुर में समर्थकों के साथ पकड़ा गया था बसपा नेता
विकास दुबे की तलाश के दौरान जनपद सीतापुर थाना मिश्रिख में बसपा नेता अनुपम दुबे व उनके समर्थकों को पुलिस ने पकड़ लिया था। उस दौरान पुलिस ने बसपा नेता का आपराधिक रिकार्ड खंगलवाया था। तब पता चला कि बसपा नेता के खिलाफ 43 मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि पुलिस ने बसपा नेता व उनके समर्थकों के खिलाफ काेरोना महामारी का मुकदमा दर्ज कर सभी को मुचलके पर छोड़ दिया था। लेकिन शासन में बसपा नेता के मुकदमों का रिकार्ड पहुंच गया। अधिकारियों ने उस पर गंभीरता से निगाह रखना शुरू कर दी थी।

शतरंज की चाल में माहिर माफिया राजनीतिक दांवपेच में खा गया था गच्चा
माफिया बसपा नेता अनुपम दुबे ने जरायम के बाद अकूत संपत्ति एकत्र की। जनपद में रसूख कायम करने के बाद राजनीति में हाथ अजमाया। बसपा का दामन थाम लिया। नगरपालिका का चुनाव लड़ा और हार गया। इसके बाद निर्दलीय एमएलए का चुनाव सदर विधानसभा से लड़ा। उसे 14 हजार वोट मिले थे। इसके बाद हरदोई की सवायजपुर विधानसभा से बसपा से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उसे 60 हजार वोट मिले थे। भाई अमित दुबे को मोहम्मदाबाद ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाने के लिए एटा के कद्दावर सपा नेता का सहारा लिया और भाई को चुनाव जितवा लिया।

कद्दावर नेता को माफिया के कई राज पता चल गए थे। वर्ष 2021 में जिला पंचायत के चुनाव में माफिया ने सत्ताधारी पार्टी के प्रत्याशी को चुनाव जिताने का जिम्मा ले लिया। एटा के कद्दावर सपा नेता का विराेध कर चुनाव में पटखनी देने में कामयाब हो गए। बौखलाए सपा नेता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों से हाथ मिलाकर माफिया के राज उजागर कर दिए। इसके बाद माफिया के खेल की उल्टी गिनती शुरू हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed