अब दागदारों की छटनी शुरू: लगातार विवादों में घिरी रही है क्राइम ब्रांच, हटाए गए सात दागी पुलिसकर्मी
कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच कुछ समय से विवादों में ही है और रोज नया खेल उजागर हो रहा है। ऐसे में साख बचाने के लिए अब दागदारों की छंटनी शुरू हो गई है। क्राइम ब्रांच में तैनात सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही, आठ नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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कानपुर में पिछले कुछ महीनों से विवादों में घिरी कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच में अब दागदारों की छटनी शुरू हो गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेकर क्राइम ब्रांच में तैनात सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इसमें एक दरोगा, तीन हेड कांस्टेबल और तीन सिपाही शामिल हैं। चर्चा ये भी है कि डीसीपी क्राइम भी जल्द बदल सकते हैं। अभी डीसीपी मुख्यालय के पास डीसीपी क्राइम का अतिरिक्त प्रभार है।
करीब दो महीने पहले एटीएम हैकर अमित चौहान पकड़ा गया था, जिसमें क्राइम ब्रांच का हेड कांस्टेबल अमित चौधरी का नाम सामने आया था। इसी दौरान क्राइम ब्रांच के सिपाही प्रबल व सिपाही राजीव यादव का भी नाम आया था। मामले में जांच जारी है। इसके बाद सर्विलांस प्रभारी मोहम्मद आसिफ का बदमाश संग याराना उजागर हुआ था। तब से लगातार पूरी क्राइम ब्रांच पर सवाल खड़े हो रहे थे।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने क्राइम ब्रांच में तैनात दरोगा शुभम यादव, हेड कांस्टेबल शमशाद अली, शिववीर सिंह, रवि कुमार व सिपाही अंकुर भदौरिया, लाखन सिंह और देवांश सिरोह को लाइन हाजिर कर दिया। इसके पहले मोहम्मद आसिफ निलंबित किया जा चुका है।
आठ पुलिसकर्मियों को मिली तैनाती
क्राइम ब्रांच में आठ नए पुलिसकर्मियों को तैनाती दी गई है। सीसामऊ थाने के दरोगा विक्रम सिंह, चकेरी के हेड कांस्टेबल विनेाद कुमार, कर्नलगंज के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, स्वरूपनगर के सिपाही शीतांश गंगवार, पुलिस लाइन से सिपाही सूरज सिंह व सिपाही पूनम के अलावा ट्रैफिक से हाकिम सिंह व यूपी-112 से सिपाही अभिषेक कुमार को क्राइम ब्रांच में तैनाती दी गई है।
एक सिपाही को बचाया गया
एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपये निकालने वाले शातिर से सांठगांठ में क्राइम ब्रांच के सिपाही प्रबल का नाम सामने आया था। मगर उसको शुरू से ही बचाने का प्रयास किया गया। उसकी कई तस्वीरें सटोरियों के साथ भी वायरल हुईं थीं। सूत्रों के मुताबिक एक डीसीपी के मुंशी ने उसका नाम सूची से बाहर करवा दिया, जिससे वह बच गया। हालांकि इस मामले को जेसीपी ने संज्ञान ले लिया है।
क्राइम ब्रांच में कुछ बदलाव किया गया है। नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। क्राइम ब्रांच को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आगे भी बदलाव संभव हैं। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर , कानून व्यवस्था