{"_id":"600c5c67a8deab1c9a03c3b0","slug":"crime-branch-found-gst-theft-of-50-lakhs","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 लाख की जीएसटी चोरी करने वाले पंजाब के, तीन फर्जी कंपनियां बना कर रहे थे कर चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 लाख की जीएसटी चोरी करने वाले पंजाब के, तीन फर्जी कंपनियां बना कर रहे थे कर चोरी
Sat, 23 Jan 2021 10:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 23 Jan 2021 10:59 PM IST
विज्ञापन
जीएसटी धोखाधड़ी
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
50 लाख की जीएसटी चोरी के मामले में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने कंपनी के मालिकों के बारे में सुराग लगा लिया है। आरोपियों का पंजाब कनेक्शन सामने आया है। मोबाइल नंबर व असली नामों का भी खुलासा हो गया है।
क्राइम ब्रांच की टीम जल्द ही पंजाब जाएगी। लोहे का कारोबार करने वाली महादेव एलायंस और आरएपी समेत तीन कंपनियों ने 50 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी की थी। वाणिज्य कर विभाग ने संपर्क करने का प्रयास किया तो पता चला कि तीनों कंपनियां फर्जी नामों और पतों से पंजीकृत हैं। 2018 में चकेरी थाने में तीन रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। इसकी जांच क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद कर रहे हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं। यहां नाम बदलकर कंपनी पंजीकृत कराई थी।
सीडीआर व दस्तावेज से लगा सुराग
क्राइम ब्रांच की टीम ने कंपनी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों की मदद से दो दर्जन संदिग्ध नंबर निकाले। उन सभी की सीडीआर निकाली। एक-दो नंबर से अहम जानकारी मिली। इन्हीं से आरोपियों का सुराग भी लगा। वहीं पैन नंबर, बैंक खाता और जहां से रकम निकाली गई, वहां से भी जानकारी मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच की टीम जल्द ही पंजाब जाएगी। लोहे का कारोबार करने वाली महादेव एलायंस और आरएपी समेत तीन कंपनियों ने 50 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी की थी। वाणिज्य कर विभाग ने संपर्क करने का प्रयास किया तो पता चला कि तीनों कंपनियां फर्जी नामों और पतों से पंजीकृत हैं। 2018 में चकेरी थाने में तीन रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। इसकी जांच क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद कर रहे हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं। यहां नाम बदलकर कंपनी पंजीकृत कराई थी।
विज्ञापन
सीडीआर व दस्तावेज से लगा सुराग
क्राइम ब्रांच की टीम ने कंपनी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों की मदद से दो दर्जन संदिग्ध नंबर निकाले। उन सभी की सीडीआर निकाली। एक-दो नंबर से अहम जानकारी मिली। इन्हीं से आरोपियों का सुराग भी लगा। वहीं पैन नंबर, बैंक खाता और जहां से रकम निकाली गई, वहां से भी जानकारी मिली है।
विज्ञापन