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खेती में नुकसान से कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगा दी जान
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किसान रामसेवक सिंह का फाइल फोटो।
- फोटो : AKBARPUR
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सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। खेती में लगातार हो रहे नुकसान से कर्ज मेें डूबे किसान ने परेशान होकर पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। इसका खुलासा उसकी जेब में मिले सुसाइड नोट से हुआ। चरवाहों की जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कार्रवाई शुरू की है।
गजनेर थाना क्षेत्र के लोहारी गांव निवासी किसान रामसेवक सिंह (58) चार बीघे खेत में फसल उगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मंगलवार की सुबह घर में खेत जाने की बात कहकर वह साइकिल से निकला था। लेकिन दोपहर 12 बजे रामसेवक का शव पेड़ से अंगौछे के सहारे लटकता देखकर चरवाहों ने गांव के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ा बेटा अवधेश मौके पर पहुंचा और सूचना 112 नंबर पुलिस को दी।
पामा चौकी इंचार्ज अमर सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। फसलों में लगातार हो रहे नुकसान व अधिक कर्ज होने से आत्महत्या करने की बात लिखी है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बाजरे की फसल में नुकसान पर चलवा दिया ट्रैक्टर
मृतक किसान के परिजनों ने बताया कि इस बार खरीफ सीजन में चार बीघे खेत में बाजरे की फसल बोई गई थी। लेकिन बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई थी। किसान ने खड़ी फसल में ट्रैक्टर चलवा दिया था। पूर्व में लगातार खेती में नुकसान उठाना पड़ रहा था। घर चलाने में दिक्कत आ रही थी, और मृतक परेशान रहता था। परिवार के पास पक्का मकान और पात्र गृहस्थी कार्ड है।
ढलती उम्र में बढ़ती जिम्मेदारी नहीं उठा पाया रामसेवक
किसान रामसेवक की पत्नी की करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। उसके दो बेटे अवधेश व छोटे तथा दो बेटियां हैं। बड़े बेटे अवधेश का विवाह हो चुका है और वह पत्नी व दो बच्चों के साथ पिता के साथ ही रहता था। मानसिक स्थिति ठीक न होने से घर पर रहता है। जबकि छोटा अविवाहित बेटा छोटे गुजरात में किसी फैक्टरी में काम करता है। दोनों बेटियों की शादी पूर्व में हो चुकी है। रामसेवक पर बड़े बेटे का परिवार पालने की जिम्मेदारी भी थी। दो साल किसान का पैर भी टूट गया था। उसके इलाज में रुपये खर्च हुए थे। इसी कारण उसने कर्ज ले रखा था। इधर, किसान रामसेवक के आत्महत्या करने में कर्ज लेने के बाबत परिजनों को जानकारी नहीं है। बेटे ने बताया कि पिता अक्सर परेशान रहते थे, लेकिन किससे और कितना कर्ज लिया। इस बारे में जानकारी नहीं है।
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गजनेर थाना क्षेत्र के लोहारी गांव निवासी किसान रामसेवक सिंह (58) चार बीघे खेत में फसल उगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मंगलवार की सुबह घर में खेत जाने की बात कहकर वह साइकिल से निकला था। लेकिन दोपहर 12 बजे रामसेवक का शव पेड़ से अंगौछे के सहारे लटकता देखकर चरवाहों ने गांव के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ा बेटा अवधेश मौके पर पहुंचा और सूचना 112 नंबर पुलिस को दी।
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पामा चौकी इंचार्ज अमर सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। फसलों में लगातार हो रहे नुकसान व अधिक कर्ज होने से आत्महत्या करने की बात लिखी है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बाजरे की फसल में नुकसान पर चलवा दिया ट्रैक्टर
मृतक किसान के परिजनों ने बताया कि इस बार खरीफ सीजन में चार बीघे खेत में बाजरे की फसल बोई गई थी। लेकिन बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई थी। किसान ने खड़ी फसल में ट्रैक्टर चलवा दिया था। पूर्व में लगातार खेती में नुकसान उठाना पड़ रहा था। घर चलाने में दिक्कत आ रही थी, और मृतक परेशान रहता था। परिवार के पास पक्का मकान और पात्र गृहस्थी कार्ड है।
ढलती उम्र में बढ़ती जिम्मेदारी नहीं उठा पाया रामसेवक
किसान रामसेवक की पत्नी की करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। उसके दो बेटे अवधेश व छोटे तथा दो बेटियां हैं। बड़े बेटे अवधेश का विवाह हो चुका है और वह पत्नी व दो बच्चों के साथ पिता के साथ ही रहता था। मानसिक स्थिति ठीक न होने से घर पर रहता है। जबकि छोटा अविवाहित बेटा छोटे गुजरात में किसी फैक्टरी में काम करता है। दोनों बेटियों की शादी पूर्व में हो चुकी है। रामसेवक पर बड़े बेटे का परिवार पालने की जिम्मेदारी भी थी। दो साल किसान का पैर भी टूट गया था। उसके इलाज में रुपये खर्च हुए थे। इसी कारण उसने कर्ज ले रखा था। इधर, किसान रामसेवक के आत्महत्या करने में कर्ज लेने के बाबत परिजनों को जानकारी नहीं है। बेटे ने बताया कि पिता अक्सर परेशान रहते थे, लेकिन किससे और कितना कर्ज लिया। इस बारे में जानकारी नहीं है।