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संदिग्ध हालात में खेत में मिला युवक का शव
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गुलशन का फाइल फोटो।
- फोटो : AKBARPUR
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डेरापुर (कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के कोरौवा गांव निवासी गुलशन (23) का शव गांव बाहर बाजरे के खेत में पड़ा मिला। गुरुवार को वह घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। पुलिस ने फौती दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक मौजूदा समय में बेरोजगार था। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया है।
कस्बे के कोरौवा गांव निवासी रामस्वरूप के सात बेटों में सबसे छोटा गुलशन पुखरायां स्थित निजी संस्थान में नौकरी करता था। लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। वह घर पर ही रहता था। पांच मार्च को उसकी शादी हुई थी। बताते हैं कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक वजहों से तनाव में रहता था। गुरुवार देररात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
शुक्रवार की सुबह खेत गए किसानों ने शव प्यारेलाल के बाजरे के खेत में देखा। जानकारी पर मां रज्जो देवी, भाई हरिश्चंद्र, आशीष, राजकुमार, छोटेलाल, शिवरतन, कपिल पहुंचे और रोने बिलखने लगे। मृतक के भाई राजकुमार की सूचना पर चौकी प्रभारी बिहार घाट दिग्विजय सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और छानबीन की। पुलिस ने फौती दर्ज कर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। चौकी प्रभारी ने मुंह से झाग निकलने पर जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई है।
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पहले भी जान देने की कर चुका था कोशिश
गुलशन एक माह पूर्व जान देने की कोशिश कर चुका था। जहरीला पदार्थ खाने से उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मुंगीसापुर के एक निजी अस्पताल में ले गए थे। इलाज के बाद वह ठीक गया था। यह बात ग्रामीणों ने बताई। परिजनों के अनुसार तनाव में होने के चलते कुछ कहने पर गुलशन भड़क जाता था। वह अक्सर झगड़ जाता था।
पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद
मृतक गुलशन की पत्नी पुष्पा बहन के पति संग चली गई थी। वह जेवरात भी ले गई थी। भाई कपिल ने बताया कि गुलशन से विरोध किया था। उसकी पत्नी से फोन पर कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद से वह अधिक परेशान रहने लगा था।
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कस्बे के कोरौवा गांव निवासी रामस्वरूप के सात बेटों में सबसे छोटा गुलशन पुखरायां स्थित निजी संस्थान में नौकरी करता था। लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। वह घर पर ही रहता था। पांच मार्च को उसकी शादी हुई थी। बताते हैं कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक वजहों से तनाव में रहता था। गुरुवार देररात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
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शुक्रवार की सुबह खेत गए किसानों ने शव प्यारेलाल के बाजरे के खेत में देखा। जानकारी पर मां रज्जो देवी, भाई हरिश्चंद्र, आशीष, राजकुमार, छोटेलाल, शिवरतन, कपिल पहुंचे और रोने बिलखने लगे। मृतक के भाई राजकुमार की सूचना पर चौकी प्रभारी बिहार घाट दिग्विजय सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और छानबीन की। पुलिस ने फौती दर्ज कर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। चौकी प्रभारी ने मुंह से झाग निकलने पर जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई है।
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पहले भी जान देने की कर चुका था कोशिश
गुलशन एक माह पूर्व जान देने की कोशिश कर चुका था। जहरीला पदार्थ खाने से उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मुंगीसापुर के एक निजी अस्पताल में ले गए थे। इलाज के बाद वह ठीक गया था। यह बात ग्रामीणों ने बताई। परिजनों के अनुसार तनाव में होने के चलते कुछ कहने पर गुलशन भड़क जाता था। वह अक्सर झगड़ जाता था।
पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद
मृतक गुलशन की पत्नी पुष्पा बहन के पति संग चली गई थी। वह जेवरात भी ले गई थी। भाई कपिल ने बताया कि गुलशन से विरोध किया था। उसकी पत्नी से फोन पर कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद से वह अधिक परेशान रहने लगा था।