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ज्योतिषी अपहरण कांड की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
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कानपुर देहात। खंडवा, मध्य प्रदेश के ज्योतिषी अपहरण कांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी। इसके लिए एसपी ने शासन को पत्र लिखा है। अपहरण के बाद ज्योतिषी के घर फोन करके मांगी गई फिरौती के मामले में आवाज की जांच कराई जाएगी। घटना में पूर्व भाजपा नेता समेत सात लोग जेल जा चुके हैं। जबकि पुलिस ने चार और लोगों को चिह्नित कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नबीपुर के एक होटल से 19 जुलाई को मध्य प्रदेश, खंडवा जिले के ज्योतिषी सुशील तिवारी व उसके चालक सुनील का अपहरण कर लिया गया था। पत्नी को फोन करके एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने पूर्व भाजपा नेता सत्यम चौहान समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर ज्योतिषी को सकुशल मुक्त करा लिया था। इसके बाद तीन और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। घटनाक्रम में शामिल रहे सात लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। पुलिस की छानबीन में चार और नाम सामने आए हैं। इसमें कुछ गैर जनपद के लोग शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
सोमवार को एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करने के लिए शासन को पत्र भेजकर सिफारिश की गई है। वहीं फिरौती के लिए की गई कॉल की वाइस जांच के लिए रिकार्डिंग विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजी जाएगी। हर साक्ष्य कोर्ट को दिए जाएंगे ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
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अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नबीपुर के एक होटल से 19 जुलाई को मध्य प्रदेश, खंडवा जिले के ज्योतिषी सुशील तिवारी व उसके चालक सुनील का अपहरण कर लिया गया था। पत्नी को फोन करके एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने पूर्व भाजपा नेता सत्यम चौहान समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर ज्योतिषी को सकुशल मुक्त करा लिया था। इसके बाद तीन और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। घटनाक्रम में शामिल रहे सात लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। पुलिस की छानबीन में चार और नाम सामने आए हैं। इसमें कुछ गैर जनपद के लोग शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
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सोमवार को एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करने के लिए शासन को पत्र भेजकर सिफारिश की गई है। वहीं फिरौती के लिए की गई कॉल की वाइस जांच के लिए रिकार्डिंग विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजी जाएगी। हर साक्ष्य कोर्ट को दिए जाएंगे ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
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