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कानपुर देहात: जिसके अपहरण के आरोप में काटी जेल वो लॉकडाउन में पहुंचा गांव, जानिए क्या है पूरा मामला
Fri, 29 May 2020 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2020 12:40 AM IST
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रसूलाबाद के क्वारंटीन सेंटर पर मौजूद गोविंद।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी एक किशोर मुंबई में कैटरिंग का काम करता रहा और उसके परिजनों ने गांव के चार भाइयों के खिलाफ उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इनमें से एक व्यक्ति जेल में भी रहा। जमानत मिलने पर वह बाहर आया।
अब चार साल बाद लॉकडाउन के कारण किशोर घर लौटा तो इसका खुलासा हुआ। मुनौरापुर निवासी रामजीवन कठेरिया का 16 वर्षीय बेटा गोविंद वर्ष 2016 में दिल्ली गया था। वह वहां से वह लापता हो गया था। पिता ने गांव के सुनील कुमार, उसके तीन भाइयों दीपू, मान सिंह, रीतू पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अब चार साल बाद लॉकडाउन के कारण किशोर घर लौटा तो इसका खुलासा हुआ। मुनौरापुर निवासी रामजीवन कठेरिया का 16 वर्षीय बेटा गोविंद वर्ष 2016 में दिल्ली गया था। वह वहां से वह लापता हो गया था। पिता ने गांव के सुनील कुमार, उसके तीन भाइयों दीपू, मान सिंह, रीतू पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने सुनील को जेल भेजा था। बाद में वह जमानत पर बाहर आया था। गोविंद 24 मई को अचानक गांव पहुंचा। गांव के लोग उसे देखकर अचरज में पड़ गए। सुनील ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। गोविंद ने पुलिस को बताया कि वह मुंबई में कैटरिंग का काम करता था।
लॉकडाउन में काम छिनने व अन्य प्रवासी मजदूरों को घर लौटते देखा तो ट्रेन से लौट आया। पुलिस ने गोविंद को क्वारंटीन सेंटर भेजा है। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि गोविंद ने पूछताछ में बताया कि गलत ट्रेन पर सवार होने से वह भटक कर मुंबई पहुंच गया था। इसकी जानकारी परिजनों को थी।
गोविंद के अपहरण में सुनील, उसके भाई दीपू, मान सिंह, रीतू पर उसी समय रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सुनील की गिरफ्तारी हुई थी। वह जमानत पर अगस्त, 2018 से बाहर है। गलत रिपोर्ट दर्ज कराने पर गोविंद के पिता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लॉकडाउन में काम छिनने व अन्य प्रवासी मजदूरों को घर लौटते देखा तो ट्रेन से लौट आया। पुलिस ने गोविंद को क्वारंटीन सेंटर भेजा है। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि गोविंद ने पूछताछ में बताया कि गलत ट्रेन पर सवार होने से वह भटक कर मुंबई पहुंच गया था। इसकी जानकारी परिजनों को थी।
गोविंद के अपहरण में सुनील, उसके भाई दीपू, मान सिंह, रीतू पर उसी समय रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सुनील की गिरफ्तारी हुई थी। वह जमानत पर अगस्त, 2018 से बाहर है। गलत रिपोर्ट दर्ज कराने पर गोविंद के पिता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।